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श्रीगंगानगर।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन में यदि कोई तलाकशुदा महिला पेंशन पाने की पात्रता रखती है तो उसे विधवा कोटे में आवेदन करना होगा, लेकिन उसके बावजूद भी उसे पेंशन नहीं मिल पाएगी, क्योंकि विधवा श्रेणी में पेंशन लेने के लिए पति का मृत्यु प्रमाण पत्र होना जरुरी है।ऐसे में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की ऑनलाइन की प्रक्रिया जिला प्रशासन, नगर परिषद और तहसील कार्यालय के लिए गलफांस बन गई है। यह दुविधा श्रीगंगानगर जिले की बजाय पूरे प्रदेशभर में बनी हुई है।
पिछले एक साल से राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन ऑनलाइन आवेदन मांगने की प्रक्रिया कर रखी है। ई मित्र क्योसक दुकानों से ऑनलाइन पेंशन के लिए आवेदन में वृद्ध पेंशन, विकलांग और विधवा पेंशन के कॉलम तो हैं, लेकिन परित्यक्ता कॉलम नहीं है। ऐसे मेंतलाकशुदा महिला को आवेदन विधवा कॉलम में आवेदन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। विधवा पेंशन के लिए पति का मृत्यु प्रमाण पत्र की अनिवार्यता है, ऐसे में तलाकशुदा महिलाओं को पेंशन से वंचित होना पड़ रहा है।
विधवाओं को अधिक फायदा
जिन विधवा महिलाओं की आयु 75 साल से अधिक हो चुकी है, अब उनको सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ दुगुना हो गया है। इस आयु वर्ग की विधवा महिलाओं पर राज्य सरकार ने दरियादिली दिखाई है। ऐसे पेंशनधारकों को अब अपना आवेदन संबंधित जिम्मेदार अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करना होगा और उसी समय उसकी पेंशन दुगुनी हो जाएगी। अगले महीने आम बजट को देखते हुए प्रदेशभर में ऐसे पेंशनधारकों को बकायदा सूचना देकर बुलाया जा रहा है। जिन पेंशनधारकों के संपर्क नम्बर नहीं हैं तो उनकी पेंशन राशि रोक कर संबंधित जिम्मेदार अधिकारी के समक्ष बुलाने को मजबूर किया जा रहा है। इससे पेंशनधारकों को फायदा होने लगा है।
जिले में सबसे ज्यादा वृद्ध पेंशनधारक
जिले में सबसे ज्यादा वृद्ध पेंशनधारकों की संख्या है। जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन धारकों की संख्या 1 लाख 37 हजार पार कर चुकी है। जिला कोष कार्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में विधवा और परित्यक्ता 25 हजार 473, नि:शक्त 14 हजार 201 और वृद्ध पेंशनधारक 97 हजार 458 हैं।
Published on:
11 Jan 2018 09:34 pm
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