श्रीगंगानगर. जिला रसद अधिकारी राकेश सोनी को राज्य सरकार ने एपीओ कर उनका मुख्यालय झालावाड़ कर दिया है। कुछ अर्से पहले सोनी का तबादला हनुमानगढ़ कर दिया गया था लेकिन हाईकोर्ट ने एक याचिका के निर्णय में सोनी को जिला मुख्यालय पर रखने के निर्देश दिए थे। विदित रहे कि सादुलशहर में गेहूं आपूर्ति में गड़बड़ी के संबंध में विधायक जगदीशचन्द्र जांगिड़ ने विधानसभा में मुद़दा उठाया था।
विधायक जांगिड़ ने सवाल उठाया था कि उचित मूल्य की दुकानों के लिए आवंटित किए गए गेहूं की आपूर्ति के लिए सादुलशहर विधानसभा क्षेत्र में 17 ग्राम पंचायत और शहरी क्षेत्र की 25 दुकानों पर 1843 क्विंटल की आपूर्ति नहीं कराई गई। फर्जी तरीके से उठाव को दर्शाकर ट्रक नंबर ड्राइवर का नाम चालान नंबर व आपूर्ति की जाने वाली गेहूं की मात्रा ऑनलाइन अपलोड की गई लेकिन भौतिक रूप से गेहूं की आपूर्ति नहीं हुई। इस संबंध में विधायक ने सरकार से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से विजिलेंस जांच करवाते हुए संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित एक्शन लेने का आ्ग्रह किया था। इस मामले को लेकर सरकार ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
इधर, डीएसओ सोनी ने एपीओ की वजह बताने से इनकार कर दिया।
विदित रहे कि विधानसभा में उठे इस राशन आपूर्ति घोटाले में राकेश सोनी की ओर से गुमराह करने वाला गोलमाल जवाब भिजवाया गया। इसके बाद मामले की उच्च स्तरीय जांच पर खाद्य विभाग जयपुर ने डीएसओ सोनी के खिलाफ कठोर कारवाई करते हुये एपीओ कर मुख्यालय झालावाड़ किया गया हैं।
इस मामले में दूसरे दोषी कार्मिक लोकेश तसेरा, प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड, जयपुर के विरूद्ध अभी तक कार्यवाही के संबंध में कोई भी ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं हैं। राशन आपूर्ति मामले में समान रूप से दोषी दूसरे अधिकारी लोकेश तसेरा पर अभी कार्यवाही होना बाकी हैं।