30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बॉर्डर पर तारबंदी ‘कोबरा कवच’ से लैस

-तारबंदी के पास आने पर हाई वोल्टेज करंट देगा राष्ट्रविरोधी तत्वों को पटखनी

2 min read
Google source verification
border area

बॉर्डर पर तारबंदी 'कोबरा कवच' से लैस

श्रीगंगानगर.

भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर की गई तारबंदी को राष्ट्रविरोधी ताकतों के लिए अभेद्य बनाने के लिए श्रीगंगानगर सेक्टर में तारबंदी को कोबरा वायर का कवच देने का काम शुरू हो गया है। पंजाब फ्रंटियर में यह प्रयोग सफल होने के बाद श्रीगंगानगर और जैसलमेर सेक्टर की लगभग दो दर्जन सीमा चौकियों का चयन किया गया है जहां तारबंदी को कोबरा वायर का कवच प्रदान कर सीमा की सुरक्षा के ढांचे को और मजबूत किया जा रहा है। राष्ट्रविरोधी तत्वों की गतिविधियों के दृष्टिगत सीमा सुरक्षा बल की यह सीमा चौकियां संवेदनशील है।


सीमा सुरक्षा बल के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हिन्दुमलकोट क्षेत्र में कोबरा वायर लगाने का काम जारी है। यह काम शीघ्र पूरा हो जाएगा। इसके बाद सेक्टर की अन्य सीमा चौकियों के क्षेत्र में तारबंदी को कोबरा वायर से लैस किया जाएगा। यह काम पूरा होने पर बॉर्डर की रक्षा करने में जवानों के साथ कोबरा वायर भी एक और कड़ी बन जाएगी। सूत्रों ने बताया कि भविष्य में राजस्थान फ्रंटियर के अधीन 1040 किलोमीटर लंबी भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर की गई तारबंदी को कोबरा वायर का कवच देने की योजना है।


कोबरा से भी घातक
सीमा सुरक्षा बल के सूत्रों की मानें तो तारबंदी के साथ बिछाई जा रही कोबरा वायर का करंट कोबरा के दंश से भी घातक होता है। कोबरा वायर में हर समय 440 वोल्टेज का करंट प्रवाहित होता है। घुसपैठ के लिए राष्ट्रविरोधी तत्व तारबंदी को काटने या उसे पार करने का दुस्साहस करेगा तो उसे जानलेवा करंट लगेगा और साथी सीमा चौकी पर लगा अलार्म भी बजने लगेगा। इससे सीमा चौकी पर तैनात तुरंत मौके पर पहुंच कर घुसपैठ का प्रयास करने वाले को काबू कर लेंगे बशर्ते कि कोबरा वायर के करंट ने उसकी जान नहीं ली हो।


इनका हुआ चयन
श्रीगंगानगर सेक्टर में तारबंदी के साथ कोबरा वायर का काम करवाने के लिए उप महानिरीक्षक ने अप्रेल में निविदाएं आमंत्रित की थी। निविदा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना पर काम शुरू हो गया है। इस सेक्टर में मदनलाल, रेणुका, फरीदसर, 3 एफसी, 63 एफ, 5 एफडी, कंचनपुर, पृथ्वीसर, त्रिशूल तथा 41 पीएस सीमा चौकियों के इलाके की तारबंदी को कोबरा वायर से लैस किया जाएगा। यह काम जून के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।


पंजाब में लगा अंकुश
राजस्थान फ्रंटियर में सीमा सुरक्षा बल के महानिरीक्षक अनिल पालीवाल जब पंजाब फ्रंटियर के महानिरीक्षक थे तब फिरोजपुर, तरनतारन, अमृतसर और गुरुदासपुर जिलों में सक्रिय ड्रग माफिया की गतिविधियों तथा राष्ट्रविरोधी तत्वों की घुसपैठ पर अंकुश लगाने के लिए तारबंदी के साथ कोबरा वायर लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दिलाई थी। वहां कोबरा वायर लगने के बाद ड्रग माफिया की गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगा है। पंजाब काड्रग माफिया अब राजस्थान फ्रंटियर के श्रीगंगानगर सेक्टर में सीमा पार से मादक पदार्थों की खेप मंगवाने के लिए डिलीवरी प्वाइंट की तलाश में जुटा है तो तारबंदी को दिया जा रहा कोबरा वायर का कवच उसके मंसूबों पर पानी फेरने वाला साबित होगा।

Story Loader

बड़ी खबरें

View All

श्री गंगानगर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग