
रायसिंहनगर.
राजस्थान बॉर्डर होमगार्ड में स्वयंसेवकों की भर्ती में हुई अनियमितता को लेकर एफ कंपनी के कंपनी कमांडर तेजसिंह ने अभ्यर्थियों के सामने अजीबोगरीब बयान दिया। कंपनी कमांडर ने अभ्यर्थियों से सीधे शब्दों में कह दिया कि उच्चाधिकारियों के लिए अनशन के कोई मायने नहीं है। कंपनी कमांडर के अनुसार उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत करवाया गया था लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि युवकों को अनशन पर बैठे रहने दो। कुछ दिन बैठने के बाद ये अपने आप चले जाएंगे। कंपनी कमांडर तेजसिंह शुक्रवार को ही अनशन स्थल पर अभ्यर्थियों से समझाइश करने के लिए पहुंचे थे।
अभ्यर्थियों से संवाद के दौरान कंपनी कमांडर ने वार्ता शुरू करने से पहले अभ्यर्थियों के मोबाइल दूर रखवा दिए। अभ्यर्थियों के अनुसार कंपनी कमांडर का कहना था कि युवकों के अनशन पर बैठने से उसकी कंपनी की बदनामी हो रही है। जबकि उच्चाधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वंचित युवकों को अनशन पर बैठे रहने दिया जाए। इसके बाद अभ्यर्थियों ने अब राजस्थान बेरोजगार संघ के साथ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
उच्च न्यायालय में सुनवाई 27 को
उधर, आनन-फानन में बिना पुलिस सत्यापन के ही अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण पर भेजने से नाराज चल रहे अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी। पिछली सुनवाई में जवाब पेश नहीं कर पाने पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने अंतिम अवसर देते हुए 27 फरवरी को जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मैने ऐसा कुछ नहीं कहा
मैं दफ्तर आया तो युवकों से कुछ देर वार्ता हुई थी, लेकिन मैंने धरनास्थल पर युवकों को अनशन बैठे रहने संबंधी कोई बात नहीं की।
तेजसिंह, कंपनी कमांडर, एफ कंपनी बॉर्डर होमगार्ड रायसिंहनगर
बेरोजगार युवकों को न्याय मिले
हम राजस्थान बॉर्डर होमगार्ड में स्वयंसेवकों की भर्ती में हुई अनियमितता का विरोध करते हैं। गृहमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करेंगे।
केशव कच्छावा, सदस्य, प्रदेश कार्यकारिणी,अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति,राजस्थान जयपुर
Published on:
24 Feb 2018 08:05 am
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