
श्रीगंगानगर। दीपावली पर्व पर इलाके में मिलावटी और नकली देसी घी बेचने का धंधा थम नहीं रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मिलावटी देसी घी की आंशका में करीब बारह हजार लीटर की जांच की। इस टीम की दबिश सो रीको एरिया में खलबली मच गई। रविवार देर रात तक इस फैक्ट्री में वनस्पति, पॉम ऑयल और रिफाइंड के अलावा एसेंस की जांच की जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना था कि वनस्पति, पॉम ऑयल और रिफाइंड को गर्म करके इसमें एसेंस डाला जा रहा था। इसके बाद इस मिलावटी घी को विभिन्न ब्रांड से बेचने की तैयारी थी। इधर, मौके पर पहुंची सदर पुलिस का कहना था कि यह फैक्ट्री लंबे समय से चल रही थी। आधे से ज्यादा यह घी बाजार में बेचा जा चुका है। हालांकि सीएमएचओ ने इसकी पुष्टि नहीं की है। सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने बताया कि सूचना मिली थी कि रीको में पाम ऑयल, रिफाइंड एवं एसेंस आदि मिलाकर नकली देशी घी तैयार किया जा रहा है। इस पर राज्य एवं जिलास्तरीय टीम ने संयुक्त रूप से जी-वन 262 रिको में स्थित बजाज फूड प्रोडेक्ट पर दबिश दी। यहां मौके पर कुछ कार्मिक मिले, जो टीम देखकर फरार हो गए। हालांकि बाद में सूचना देने पर फैक्ट्री मालिक मनन बजाज मौके पर पहुंचे और दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके बाद टीम ने सघनता से निरीक्षण किया, जिसमें यहां देशी घी निर्माण के लिए आवश्यक संसाधन, वनस्पति घी, पाम ऑयल एवं एसेंस आदि बरामद हुआ। टीम ने यहां पर सक्षम गोल्ड ब्रांड का 590 लीटर एवं 6075 लीटर खुला वनस्पति सीज किया। इसी तरह चांसलर ब्रांड का 2000 लीटर वनस्पति का सैंपल लिया गया।
इस फैक्ट्री में 245 लीटर एडिबल ऑयल खाने के लायक नहीं था। ऐसे में स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम ने नियमानुसार नहीं पाए जाने पर मौके पर ही नष्ट किया। टीम ने यहां से तीन सैंपल लिए। राज्यस्तरीय टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद शर्मा, अमित शर्मा व देवेंद्र जादोन सहित जिलास्तरीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी कंवरपाल सिंह एवं हंसराज गोदारा शामिल रहे। विभागीय टीम देर रात तक कार्रवाई में जुटी हुई थी।
स्वास्थ्य विभाग की टीम को इस फैक्ट्री में झगड़े की आंशका होने पर सदर पुलिस को सूचना दी। मौके पर रीको पुलिस चौकी प्रभारी हेतराम छीम्पा की अगुवाई में पुलिस दल पहुंचा। चौकी प्रभारी का कहना था कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहुंचे थे। जब पुलिस टीम पहुंची तो वहां लेबर नहीं मिली।
सीएमएचओ डॉ सिंगला ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों की सूचना अवश्य दें। यदि शिकायत सही पाई जाती है और खाद्य पदार्थ अनसेफ आता है तो विभाग की ओर से दो किश्तों में 51000 हजार रुपए का इनाम भी दिया जाएगा। यदि खाद्य पदार्थ सब स्टैंडर्ड आता है तो चालान पेश होते ही सूचनादाता को एकमुश्त पांच हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाती है। सूचना देने वाले का नाम एवं पहचाना गुप्त रखी जाती है। वहीं जिन व्यापारियों के खाद्य पदार्थ सबस्टेंडर्ड, मिसब्रांड या अनसेफ पाए जाएंगे।
सीओआईईसी विनोद बिश्नोई ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने राज्यस्तरीय व्हाट्सएप नंबर 9462819999 जारी किया है, जिस पर आमजन शिकायत कर सकते हैं। वहीं 181 या जिला कंट्रोल रूम नंबर 0154-2445071 पर भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसी तरह जिलास्तरीय व्हाट्स एप नंबर 9351504313 भी जारी किया गया है, जिस पर खाद्य पदार्थों में मिलावट, अशुद्ध एवं अवधिपार आदि की सूचना दी जा सकती है।
Published on:
27 Oct 2024 11:56 pm
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