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गंगनहर में पानी की मांग पर आज किसानों का पड़ाव

-मांग पूरी नहीं हुई तो महापड़ाव बेमियादी

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gang canal sriganganagar

श्रीगंगानगर.

खरीफ फसलों की बिजाई के लिए गंगनहर में पर्याप्त पानी चलाने की मांग पर किसान बुधवार को महाराजा गंगासिंह चौक पर पड़ाव डालेंगे। गंगानगर किसान समिति, अखिल भारतीय किसान सभा और किसान संघर्ष समिति के संयुक्त आह्वान पर गंगनहर क्षेत्र के किसान पड़ाव में शामिल होंगे। किसान संगठन 20 मई तक 1700 क्यूसेक तथा उसके बाद 2000 क्यूसेक पानी चलाने की मांग कर रहे हैं। किसानों के पड़ाव को देखते जिला कलक्टर ने उच्चाधिकारियों को बिजाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराए जाने के बारे में
लिखा है।


खरीफ फसलों की बिजाई के लिए 2500 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने की मांग के साथ किसान संगठनों ने 10 मई को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया था। उस दिन जिला कलक्टर के साथ हुई वार्ता में इन संगठनों के प्रतिनिधियों ने 13 मई तक पूरा पानी नहीं मिलने की दशा में 16 मई को गंगासिंह चौक पर पड़ाव डालने की घोषणा की थी।

गंगानगर किसान समिति के संतवीर सिंह मोहनपुरा ने बताया कि मांग नहीं मानी गई तो पड़ाव बेमियादी हो जाएगा और किसान मांग पूरी होने पर ही घर लौटेंगे। उन्होंने बताया कि अप्रेल के महीने में गंगनहर को गंदे नाले का पानी मिला। बंदी के बाद मुख्य अभियंता गंगनहर के लिए 1400 क्यूसेक शेयर तय कर आए जबकि गंगनहर का शेयर भारत के विभाजन से पहले का है और यह 2000-2200 क्यूसेक से कम नहीं रहा।


खेती हो जाएगी चौपट
किसान नेताओं संतवीरसिंह मोहनपुरा, सुभाष सहगल और श्योपत मेघवाल का कहना है कि खरीफ की बिजाई अब अंतिम दौर में है। लेकिन गंगनहर क्षेत्र का किसान नहरें सूखी होने से ठाले बैठे हैं। पानी के अभाव में बाग तबाह हो रहे हैं और गन्ने की बिजाई नहीं हो पा रही। अगर गन्ने की बिजाई नहीं हुई तो जिले के एकमात्र बड़े उद्योग शुगर मिल का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा। कॉटन बैल्ट के रूप में पहचान बना चुका यह इलाका बिजाई नहीं होने पर अपनी पहचान खो देगा।


अवगत करवाया है
किसानों की मांग के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है। अभी 1400 क्यूसेक पानी गंगनहर को मिल रहा है। इसमें वृद्धि का निर्णय उच्च स्तर पर होना है।
ज्ञानाराम, जिला कलक्टर