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किसानों को उम्मीद— इस बार रबी में ‘मीरा’ चना का रेकॉर्ड बंपर उत्पादन

-इस बार 88 हजार 238 हेक्टेयर में चना की फसल की बुवाई

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किसानों को उम्मीद--- इस बार रबी में ‘मीरा’ चना का रेकॉर्ड बंपर उत्पादन

किसानों को उम्मीद--- इस बार रबी में ‘मीरा’ चना का रेकॉर्ड बंपर उत्पादन

कृष्ण चौहान

किसानों को उम्मीद--- इस बार रबी में ‘मीरा’ चना का रेकॉर्ड बंपर उत्पादन

-इस बार 88 हजार 238 हेक्टेयर में चना की फसल की बुवाई
-श्रीगंगानगर. कृषि बाहुल्य श्रीगंगानगर जिले में रबी सीजन में दलहनी फसल में ‘मीरा’ चना की किस्म का रेकॉर्ड बंपर उत्पादन होने की संभावना है। श्रीगंगानगर जिले में एक लाख 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में चना की बुवाई का लक्ष्य तय किया गया था लेकिन इस बार 88 हजार 238 हेक्टेयर क्षेत्रफल में चना की फसल की बुवाई की गई। खेतों में अब चना की फसल में फूल व डोडियां लग रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जनवरी माह में हुई रेकॉर्ड बारिश से इस बार चना की अच्छी फसल होगी और जिले में 1 लाख 23 हजार 19 मीट्रिक टन चना की फसल का उत्पादन होने की संभावना है। इस बार 130 रुपए बढ़ाकर चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)5230 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। हालांकि चना का बाजार में मूल्य अधिक चल रहा है।

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वर्ष 2022-23 रबी बुवाई क्षेत्रफल

तहसील बुवाई क्षेत्रफल उत्पादन

श्रीगंगानगर 2799 4618
पदमपुर 10165 15248

सूरतगढ़ 14223 17068
सादुलशहर 13130 17726

श्रीकरणपुर 6577 13154
रायसिंहनगर 26500 37100

अनूपगढ़ 6112 7334
श्रीविजयनगर 2866 3439

घड़साना 3011 3764
रावला 2855 3569

10 88238 123019
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चना की एमएसपी का गणित
वर्ष 2021-22 5100

वर्ष 2022-23 5230
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प्रति हेक्टेयर उत्पादन-14 क्विंटल

मीरा व गणगौर किस्म बहुत ज्यादा पंसद
कृषि अनुसंधान केंद्र श्रीगंगानगर ने वर्ष 2008 में चना की किस्म गणगौर जीएनजी-1581 किस्म निकाली गई थी। यह क्षेत्र में काफी लोकप्रिय है। इलाके के किसान इस किस्म को काफी पंसद करते हैं। इसके बाद वर्ष 2017 में एआरएस ने मीरा-जीएनजी-2171 किस्म निकाली। यह किस्म भी गणगौर को टक्कर दे रही है। इस फसल का उत्पादन व गुणवत्ता बराबर है। इसके साथ चना की लेट बुवाई के लिए तीज-जीएनजी-2144 किस्म भी उपयुक्त है। कृषि अनुसंधान केंद्र ने दिसंबर 2022 में चना की केशव जीएनजी-2161 किस्म की नई वैरायटी जारी की है। एक वर्ष बाद इस किस्म का उन्नत बीज किसानों को उपलब्ध होगा।

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रबी में अन्य फसलों के साथ इस बार सिंचित व असंचित क्षेत्र में चना की 88 हजार 238 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसल है। जनवरी माह में हुई बारिश से फसल की ग्रोथ अच्छी हुई है। इस कारण फसल की गुणवत्ता व उत्पादन अच्छा होगा। इस बार रेकॉर्ड चना की फसल का उत्पादन होने की संभावना है।

मिलिंद सिंह,कृषि अनुसंधान अधिकारी शस्य,कृषि (विस्तार),श्रीगंगानगर।

इस बार चना की फसल श्रीगंगानगर सहित राज्य में अच्छी है और जनवरी में मावठ व इसके बाद अच्छी बारिश हुई। इस कारण चना की फसल का रेकॉर्ड उत्पादन की संभावना है। बारानी चना की फसल बहुत अच्छी है। लालगढ़ क्षेत्र में पांच से छह क्विंटल प्रति बीघा तक उत्पादन हो रहा है। जबकि सामान्य तौर पर चार से पांच क्विंटल प्रति बीघा उत्पादन होने की संभावना है।
डॉ.विजय प्रकाश आचार्य,चना ब्रिडर व क्षेत्रीय निदेशक,कृषि अनुसंधान केंद्र, (एआरएस )श्रीगंगानगर।