रायसिंहनगर (श्रीगंगानगर). मैडम सरसों की फसल पाळे से पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। प्रभावित फसल की समय पर ऑनलाइन गिरदावरी व क्रॉप कटिंग के लिए निशानदेही नहीं होने से किसान उचित क्लेम व मुआवजे से वंचित हो जाएंगे। यह बात किसानों ने सरसों के खराब हुए पौधे दिखाते हुए उपखण्ड अधिकारी गुंजन सिंह के समक्ष अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कही।
माकपा के पूर्व घोषित कार्यक्रम के अन्तर्गत गुरुवार को बड़ी संख्या में किसानों ने उपखण्ड कार्यालय का घेराव किया। इससे पूर्व माकपा नेताओं ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कार्यक्रम की सूचना के बावजूद उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में नहीं मिलने पर आक्रोश जताया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिला व पुरुषों ने जबरन उपखण्ड कार्यालय में घुसने का प्रयास किया तो मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की ओर से रोकने से प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच धक्का-मुक्की होने से एक बार तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। आक्रोशित किसान मिनि सचिवालय के आगे ही धरने पर बैठ गए और उपखण्ड अधिकारी से मौके पर पहुंचकर उनकी समस्या को सुनने की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन के दौरान उपखण्ड अधिकारी क्षेत्र में जनसुनवाई कार्यक्रम में भाग लेने गई हुई थी। जैसे ही उनको धरने प्रदर्शन की जानकारी मिली तो वे तहसीलदार जितेन्द्र ङ्क्षसह के साथ तुरंत कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे लोगों के बीच पहुंचकर ज्ञापन लिया और किसानों की बात सुनी। इससे प्रदर्शन कर रहे लोग शांत हो गए। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि पाले से खराब हुई सरसों की फसल की गिरदावरी व सर्वे में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
उन्होंने विकास अधिकारी रामराज को मौके पर बुलाकर प्रदर्शनकारियों के एक शिष्टमंडल के साथ वार्ता कर समस्याओं के समाधान का प्रयास किया। वार्ता में प्रशासन व माकपा नेताओं के बीच काफी गहमागहमी भी हुई। उपखण्ड अधिकारी ने आगामी सात दिनों के भीतर गिरदावरी व निशान देही का कार्य पूरा करवाने केआश्वासन किसान नेता सहमत हो गए। इस दौरान ज्ञापन में दी गई मांगों को लेकर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर 13 फरवरी को किसान सभा के जिलाध्यक्ष कालू थोरी की ओर से उपखण्ड कार्यालय के समक्ष धरने पर बेठने का निर्णय किया गया।