
भ्रष्टाचार करने वालों के समर्थन में आए पार्षद
श्रीगंगानगर.नगर परिषद की आठ माह बाद शुक्रवार को हुई साधारण सभा की बैठक में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जमकर 40मिनट तक हंगामा होता रहा। पार्षदों ने नगर परिषद सभापति और आयुक्त पर भ्रष्टाचार और अधिकारियों से मिलीभगत कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। इस बीच भ्रष्टाचार के आरोप में कनिष्ठ अभियंताओं के खिलाफ अभियान स्वीकृति दी जानी थी लेकिन 43 में 27 पार्षद भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों के समर्थन में आ गए। साधारण सभा की बैठक में पांच में से तीन प्रस्ताव पारित हो गए और दो प्रस्तावों पर पार्षदों की सहमति नहीं बन पाई। 11.5 बजे शुरू हुई बैठक में 40 मिनट तक उप-सभापति अजय दावड़ा व पार्षद संजय बिश्नोई ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। बैठक की अध्यक्षता सभापति अजय चाडक़ ने की। नगर परिषद आयुक्त सुनीता चौधरी सहित अन्य अधिकारी व 43 पार्षद साधारण सभा की बैठक में शामिल हुए। करीब दो घंटे तक चली बैठक में जमकर हंगामा होता रहा।
होर्डिंग पर अधिकारियों को घेरा
बैठक शुरू होते ही उप-सभापति अजय दावड़ा व पार्षद संजय बिश्नोई ने नगर पालिका एक्ट की धारा 51 की पालना नहीं करने पर आठ माह तक साधारण सभा की बैठक तक नहीं बुलाई गई। उन्होंने सभापति व आयुक्त पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 15 जून को होर्डिंग का ठेका समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद ठेकेदार कथित रूप से अवधि समाप्त होने के बावजूद शहर में अवैध रूप से होर्डिंग लगाने वाली फर्म के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसको लेकर आयुक्त व परिषद अधिकारियों को घेरने की कोशिश की गई। पार्षद पवन गौड़ ने पार्षदों की ओर से उठाए गए प्रश्नों का जवाब नहीं मिलने पर आयुक्त सुनीता चौधरी को धरना लगाने की चेतावनी दी गई। पार्षद हरविंद्र पांडे,कमला बिश्नोई,राजा चुघ,सलीम अली चोपदार आदि ने शहर हित में एजेंड पर चर्चा करने की अपील की गई, लेकिन पार्षदों के हंगामे के कारण यह अनसुनी होती रही। 40 मिनट तक हंगामें के बाद निर्धारित एजैंडे पर चर्चा शुरू हो पाई।
प्रवेश द्वार का नामकरण करने का प्रस्ताव
शहर के वार्ड नंबर 15 के पार्षद रमेश कुमार घडिय़ाव ने बोर्ड की बैठक में पुरानी आबादी क्षेत्र के लिए प्रवेश द्वार बनाने के लिए गली-चौराहों के नाम अंकित करने का प्रस्ताव उठाया गया। उन्होंने कहा कि वार्ड नंबर 15 ए माइनर, पुरानी आबादी पुलिस थाना के सामने बनी पुलिया, कोडा चौक पुलिया,बस स्टैंड के सामने व उद्यम सिंह चौक के सामने चारों स्थानों पर प्रवेश द्वार बनाकर उन पर रामनगर प्रवेश द्वार लिखवाने का प्रस्ताव रखा, जिस पर सभी पार्षदों ने सहमति जताई। इसके अलावा वार्ड नंबर एक से 16 की विभिन्न गलियों,चौक, चौराहों पर का नाम अंकित करते हुए चौक-चौराहों का प्रस्ताव पास किया गया।
भ्रष्टाचार करने वालों के समर्थन में आए पार्षद
सवा साल पहले कमीशन की राशि लेते हुए पकड़े गए कनिष्ठ अभियंता मेजर सिंह व कार्यवाही से बचने के लिए कई दिन तक गायब रहे कनिष्ट अभियंता गौरीशंकर को नगर परिषद के अधिकांश पार्षदों ने क्लीन चिट तक दे दी गई। बोर्ड की बैठक में सभापति की अनुमति से मेजरसिंह व गौरीशंकर के प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति पर पार्षदों की राय मांगी गई। डॉ.भरतपाल मैय्यर सहित कुछ पार्षद अभियोजन स्वीकृति देने के पक्ष में बोलने लगे,जबकि पार्षद अशोक मेठिया सहित अन्य ने दोनों अभियंताओं का पक्ष लेते हुए अभियोजन स्व्ीकृति नहीं देने का प्रस्ताव पारित किया गया। वोटिंग के बाद 27 पार्षदों ने अभियोजन स्वीकृति नहीं देने तथा सात पार्षदों ने स्वीकृति देने पर सहमति दी गई। एक पार्षद ने कहा कि मुझे जानकारी तक नहीं है। बैठक के बाद आयुक्त सुनीता चौधरी ने स्पष्ट किया कि अधिकांश पार्षद अभियोजन स्वीकृति के पक्ष में ही नहीं है। इसलिए वोटिंग की रिपोर्ट व परिणाम एसीडी के भिजवा दिया गया।
इनके अलावा यह मुद्दे भी उठाए गए
शिविरों पर निकतनी राशि खर्च हुई
मुख्यमंत्री शहरी जन कल्याण योजना के शिविरों पर हुए व्यय की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति,मिर्जेवाला में स्थित नंदीशाला में व्यवस्थाओं व उन पर होने वाले व्यय की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति तथा खाद्य सुरक्षा योजना अंतर्गत पात्र आवेदकों की स्वीकृति का प्रस्ताव पास किया गया। उप-सभापति अजय दावड़ा ने भविष्य में आने वाले आवेदनों को भी स्वीकृति देने का प्रस्ताव रखा, जिस पर पार्षदों ने सहमति जताई। प्रस्ताव संख्या दो के तहत अतिछाजन,भवन निर्माण,नक्शों की स्वीकृति एवं अनुमोदन पर चर्चा शुरू होते ही पार्षद हरविंद्र पांडे ने छज्जों पर नियम विरुद्ध निर्माण और उन्हें नगर परिषद से स्वीकृति दिए जाने का मामला उजागार किया है। १०० कर्मचारियों का यूं उठाया जा रहा है
वेतन
इस पर सभी पार्षदों में केवल नयमानुसार निर्माण के नक्शों की स्वीकृति का प्रस्ताव पास किया। आयुक्त सुनीता चौधरी ने शहर की सफाई व्यवस्था पर चर्चा करते ही उप-सभापति अजय दावड़ा ने कहा कि १०० कर्मचारियों की सूची सभापति को सौंपते हुए आरोप लगाया कि यह सभी ड्यूटी से गायब रहते हैं। इन १०० कर्मचारियों का वेतन से चेहते पार्षदों को राजी किया जा रहा है। वार्ड नंबर २४ के पार्षद प्रदीप चौधरी ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि अन्य पार्षदों ने कुछ वार्डों में जरुरत से ज्यादा सफाई कर्मी होने और अन्य सफाई कर्मचारियों की कमी होने से सदन को अवगत करवा दिया। पार्षद चंद्रभान सिवान ने कहा कि वार्ड में सफाई कर्मचारी कम है, इस कारण सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई है।
सफाई,अतिक्रमण का उठाया मुद्दा
शहर के वार्ड नंबर 33 के पार्षद रामगोपाल यादव ने कहा कि वार्ड में पांच सफाई कर्मचारी और लगाने,कचरे के उठाव लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली की व्यवस्था करने,नाळों की सफाई करवाने तथा नाले नालियों पर हुए अतिक्रमण हटाने की मांग की गई। पार्षद हरिवंद्र पांडे ने पार्षदों का वेतन दस हजार रुपए प्रतिमाह किए जाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भिजवाने को कहा। उप सभापति ने सांसदों व विधायकों की तरह वार्डों में विकास कार्यों के लिए पार्षदों का कोटा निर्धारित करने का प्रस्ताव भिजवाने की मांग की गई।
फायर बिग्रेड की गाडिय़ा खरीद की जाए
पार्षद मनीराम स्वामी ने फायर बिग्रेड की नई पांच गाडिय़ा खरीदने का सूझाव दिया। बैठक के दौरान पार्कों को पूर्व की भांति ठेके पर देने के प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई। वहीं,मोहल्ला सुधार समियितों को पार्क रख-रखाव के लिए दिए जाने पर पार्षदों ने सहमति दी। क्यूं नहीं वसूली जा रही लीज-- शहर के चर्चित मामले मैसर्स जसवंत सिंह एंड संस पेट्रोल पंप को लीज पर दी गई। भूमि का आवंटन निरस्त करने के विषय पर चर्चा के दौरान अधिकांश पार्षदों ने आवंटी से नियमानुसार पैनल्टी वसूल कर उसे रेगुलर करने का सहमति पत्र आयुक्त को सौंपा। पार्षदों का कहना था कि इससे नगर परिषद की आय में वृद्धि होगी और शहर में विकास कार्य करवाए जा सकेंगे।
Published on:
26 Aug 2017 06:52 am

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