रायसिंहनगर. गंगनहर की पीएस वितरिका में सोमवार सुबह चक 12 पीएस के पास भारत माला पर फ्लाई ऑवर निर्माण के चलते करीब पंद्रह फिट चौड़ा कटाव आ गया। इससे आस-पास के खेत जलमग्न हो गए। वहीं, किसानों को बारह घण्टे से भी अधिक ङ्क्षसचाई बारी का नुकसान हो गया। नहर टूटने की सूचना मिलने पर गंगनहर प्रोजेक्ट चेयरमैन हरविन्द्र ङ्क्षसह गिल, कालू थोरी के अलावा जल उपयोक्ता संगमों के अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए। भारत माला निर्माण एजेंसी के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रोष प्रकट करने लगे। किसान नेताओं ने दूरभाष पर ङ्क्षसचाई विभाग के अधिकारियों को सूचित कर पीएस हेड से ङ्क्षसचाई पानी के प्रवाह को बंद करवाकर कटाव पाटने का कार्य शुरु किया गया। पांच घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद कटाव बांधा गया, जिसके बाद नहर में पानी छोड़ दिया गया। नहर टूटने की सूचना मिलने पर किसान नेता कालू थोरी व निर्माण एजेंसी के ठेकेदारों की बीच तनातनी भी हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार की ओर से फ्लाई ओवर के निर्माण के समय कट को कच्चा छोड़ दिया। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा है। बताया जा रहा है किसानों की ओर से फ्लाई ओवर के पास से पानी रिसाव की जानकारी संबंधित ठेकेदार को दे दी गई थी। लेकिन ठेकेदार ने गंभीरता से नहीं लिया। नतिजन पानी के रिसाव ने कटाव का रुप ले लिया।
भारतमाला निर्माण एजेंसी की ओर से फ्लाई ओवर के निर्माण के लिये विभाग से स्वीकृति लेकर नहर में कट लगाया गया था। संबंधित एजेंसी को लाइङ्क्षनग पुन: तैयार करने की शर्त पर नियमानुसार अनुमति दी गई थी। लेकिन लाईङ्क्षनग सहीं नहीं होने के कारण नहर टूट गई। कटाव को पाटकर नहर में पानी छोड़ दिया गया है। प्रभावित किसानों को ङ्क्षसचाई पानी की क्षतिपूर्ती के लिये उच्चाधिकारियों को लिखा गया है- प्रवेश कुमार, सहायक अभियंता, जल संसाधन वृत रायङ्क्षसहनगर।
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भारत माला सडक़ निर्माण एजेंसी के ठेकेदार की लापरवाही से नहर टूटने की घटना हुई है। जिसको लेकर दोषी कार्मिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर विभाग को लिखा जाएगा।
-हरविन्द्र सिंह गिल, प्रोजेक्ट चेयरमैन गंगनहर।