श्रीकरणपुर (श्रीगंगानगर). ओ माइनर से वाटरवक्र्स की डिग्गी तक जलापूर्ति वाले खाले (ङ्क्षलक चैनल) के अंदर व आसपास जमा गंदगी विभागीय कार्य प्रणाली व पानी की शुद्धता पर प्रश्नचिह्न लगा रही है। इसे लेकर लोगों ने शनिवार शाम रोष जताया।
उनका कहना था कि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया लेकिन नतीजा शून्य है। नागरिकों श्योपत रेवाड़, अवतारङ्क्षसह सरोवा, सुखदेवङ्क्षसह सैनी, सतपाल वर्मा, सुरेश सोनी व नवीन गढ़वाल आदि ने बताया कि वाटरवक्र्स की मुख्य डिग्गी में जलापूर्ति वाले खाले में शराब व बीयर की खाली बोतलें, पुराने कपड़े, नारियल, लाल रंग की चुन्नियां व धार्मिक सामग्री सहित अन्य कचरा पसरा है। इसके अलावा खाले में उगे पौधे व झाड़-झंखाड़ से जहां पानी के प्रवाह में बाधा आती है। वहीं, खाले में बह रहे पानी की शुद्धता व स्वच्छता पर विपरीत असर पड़ता है। लोगों ने वाटरवक्र्स के अंदर जल भंडारण की मुख्य डिग्गियों के चारों ओर उगे झाड़-झखांड़ पर भी हैरानी जताई।
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हेल्पलाइन से नहीं मिली सहायता…
नागरिकों ने कि वाटरवक्र्स की मुख्य डिग्गी तथा जलापूर्ति वाले खाले के अंदर व बाहर पसरी गंदगी को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके अलावा कई दिन पहले मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन स्थिति जस की तस है।
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्रआपूर्ति के लिए पानी की शुद्धता और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाता है। वाटरवक्र्स में जलापूर्ति वाले खाले में लोग ही नारियल, हवन सामग्री, कपड़े व अन्य सामान फेंक जाते हैं। सुचारू व्यवस्था के लिए जल्द ही ठोस कदम उठाए जाएंगे।
-संदीप कुमार, जेइएन जलदाय विभाग श्रीकरणपुर।