
श्रीगंगानगर में चूड़ी बेचने वाली महिलाओं पर एफआईआर
श्रीगंगानगर. पुरानी धानमंडी में चूड़ी बेचने वाली महिलाओं को पुर्नवास करने के बावजूद भी आदेश नहीं मानने पर नगरपरिषद आयुक्त की ओर से मामला कोतवाली थाने में दर्ज कराया गया है।
पुलिस ने बताया कि नगरपरिषद आयुक्त प्रियंका बुडानिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि पुरानी धानमंडी में 27 मार्च से एक दिसंबर तक देवनगर निवासी बनवारीदेवी पत्नी जयमल व बिमला पत्नी मेहरचंद तथा 9 अन्य को राजकीय भूमि पर चूड़ी बेचते पाया गया। महिलाओं को मटका चौक स्कूल और गोदारा गल्र्स कॉलेज की दीवार के पास थड़ी लगाकर चूड़ी बेचने के लिए पुर्नवास किया था।
इसके बावजूद इन महिलाओं की ओर से आदेश को नहीं माना जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच सीओ सिटी इस्माइल खान को सौंपी है। ज्ञात रहे इन महिलाओं को नगर परिषद प्रशासन ने पुलिस की मदद से पुरानी धानमंडी से खदेड़ा गया था लेकिन दो दिन बाद फिर से वहां थड़ी लगाकर चूड़ी बेचने की दुकानदारी शुरू कर दी।
इन महिलाओं का कहना है कि पिछले चालीस साल से वे इस धानमंडी में थड़ी लगाकर जीवन यापन कर रही है जबकि नगर परिषद प्रशासन ने धानमंडी में पिड़ की भूमि चंद दुकानदारों को बेच दी जबकि पिड़ का बेचान नियमानुसार नहीं हो सकता।
इधर, जिस जगह थड़ी लगाकर ये महिलाएं बैठती है वहां बस ऑपरेटर ने दुकान का निर्माण करवाया और जगह खाली कराने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने इन महिलाओं को पुनर्वास कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे।
लेकिन जब जगह खाली नहीं हुई तो न्यायालय की अवमानना संबंधित सुनवाई होने पर आयुक्त ने इन महिलाओं को खदेड़ दिया था लेकिन पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल और बार संघ के अध्यक्ष विजय रेवाड़ की अगुवाई में कई लोग सड़कों पर उतर आए।
Published on:
02 Dec 2020 11:42 pm
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