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श्रीगंगानगर. स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने चालीस करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ़तार आरोपी को यहां कोर्ट में पेश किया। वहां से पांच दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। इस प्रकरण के जांच अधिकारी एसओजी के पुलिस उप अधीक्षक शिव कुमार भारद्वाज की अगुवाई में जांच टीम जयपुर से यहां पहुंची और आरोपी नागपाल कॉलोनी निवासी पंकज अग्रवाल को न्यायिक मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ गोदारा की कोर्ट में पेश किया। इस दौरान परिवादी और बचाव पक्ष ने कोर्ट में करीब दो घंटे तक बहस की। बचाव पक्ष के वकील विपिन सिद्ध ने एसओजी की ओर से आरोपी अग्रवाल को बिना सूचना दिए जबरदस्ती डिटेन करने और जयपुर ले जाकर गिरफ़तारी करने पर आपत्ति जताई। सिद्ध का कहना था कि
इस प्रकरण में इसी आरोपी के अन्य पारिवारिक सदस्यों प्रदीप कुमार, प्रेम कुमार, कमली देवी, रेखा रानी और नेहा अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है लेकिन जांच टीम ने जांच के बहाने पंकज को जानबूझकर हिरासत में लिया। वहीं परिवादी के पक्ष के वकील चरणदास कम्बोज का कहना था कि यह मामला वर्ष 2019 का है, आरोपियों ने चालीस करोड़ रुपए का फ्रॉड किया है। लेकिन कानूनी दावपेच में इस प्रकरण को उलझाने का प्रयास किया है। पूरे खेल का माइंड मास्टर पंकज अग्रवाल था। कम्बोज ने तर्क दिया कि आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाना हिरासत में रखना नहीं है। देश के नामी नेताओं को जांच एजेसियों ने सात सात बार बुलाकर पूछताछ की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बचाव पक्ष इस बड़े फ्रॉड से बचने के लिए तथ्यों को छुपा रहा है। इस दौरान जांच अधिकारी एसओजी के भारद्वाज का कहना था कि उन्होनें सभी छह आरोपियों से पूर्व में व्यक्तिगत तौर पर जाकर कई सवालों के जवाब जानने का प्रयास किया लेकिन कोई सहयोग नहीं मिला। एसओजी का दावा था कि यह आरोपी मास्टर माइंड है। अदालत ने इस आरोपी को पांच दिन पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश किए।
प्रोपर्टी दलालों का जमावड़ा
एसओजी जयपुर से सुबह रवाना होकर जवाहरनगर थाने में पहुंची। वहां से पुलिस के कड़े पहरे से कोर्ट कैम्पस आई। कोर्ट कैम्पस में पहले से कई प्रोपर्टी दलाल सक्रिय नजर आए। कई संपत्तियां दलालों के माध्यम से बेचान की गई थी। एसओजी टीम ने इस आरोपी को एक बोतल पानी उसके परिजनों से नहीं लेने दी। एसओजी ने अपने स्तर पर पानी और चाय का इंतजाम कराया।
छह साल पहले दर्ज कराई थी एफआइआर
गणपति मल्टी कॉमोडिटी बिजनेस इंडिया प्रा. लि. सेवा के भागीदार जितेन्द्र मित्तल ने 22 दिसम्बर 2019 को जवाहरनगर थाने में आरोपी पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, प्रेम कुमार, कमली देवी, रेखा रानी और नेहा अग्रवाल पर आपराधिक ष़डयंत्र के आरोप में मामला दर्ज कराया था। इसमें बताया कि फर्म मेसर्स गणपति मल्टीकोमोडिटी बिजनेस इंडिया प्रा. लि. में केस्टर सीड्स के लिए खोले गए खाते व आरोपियों द्वारा करीब 150 करोड़ की केस्टर सीड्स एनसीडेक्स में परिवादी की फर्म के माध्यम से खरीदी। पचास करोड़ घाटा लगने पर भुगतान नहीं करने से फर्म को हानि पहुंचाई। संपत्तियों को अपने रिश्तेदारों के नाम लगा दी।