श्रीगंगानगर। कांग्रेसियों को उम्मीद थी कि लंबे समय बाद ही सही पार्टी के इस सम्मेलन में हमारी बात सुनी जाएगी। लेकिन पुराने कांग्रेसियों को दर्शक दीर्घा में बिठाकर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए फिर से जनता से वोट मांगने का भाषण सुनने को मिला। सुबह दस बजे की बजाय यह कार्यक्रम 11 बजकर 36 मिनट पर शुरू हुआ। दोपहर दो बजकर बीस मिनट यह समाप्त हुआ। करीब तीन घंटे चले इस कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दोपहर 1 बजकर 3 मिनट पर संबोधन शुरू किया और दोपहर 1 बजकर 44 मिनट पर अपना संबोधन समाप्त किया। ऐसे में सीएम कुल 41 मिनट तक लगातार अपना संबोधन किया। इसी तरह कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी सुखजिन्द्र सिंह रंधावा दोपहर 12 बजकर 45 मिनट से लेकर दोपहर एक बजकर 2 मिनट तक कुल 17 मिनट तक संबोधन देते रहे। इसी प्रकार कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा दोपहर 12 बजकर 27 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक यानि 18 मिनट तक भाषण दिया। वहीं जिले के प्रभारी मंत्री गोविन्द राम मेघवाल दोपहर 12 बजकर 17 से लेकर दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक यानि महज दस मिनट भाषण देकर कार्यक्रम में साक्षी बने। लेकिन इन चारों दिग्गजों ने अपने सामने बैठे पुराने कांग्रेसियों से फीडबैक के लिए एक मिनट तक समय नहीं दिया।
लंबी फहरिस्त बनाई थी लेकिन वापस ले आएसुरक्षा घेरे में आए इन चारों दिग्गजों ने भाषण देकर वापस अपने गंतव्य स्थल की ओर रवाना हो गए। कांग्रेसियों का कहना था कि उन्हें उम्मीद थी कि पिछले चार सालों में इलाके के विधायकों और अफसरों की मनमजी की पीड़ा सुनी जाएगी लेकिन किसी को वहां फटने तक नहीं दिया। कई कार्यकर्ता तो जिले के विधायको और कई अफसरों के खिलाफ शिकायत की लंबी फहरिस्त बनाई थी और लेकर भी आए लेकिन वहां इन कार्यकर्ताअेां की पूछ नहीं हुई तो वापस ले गए। मंच पर पूर्व विधायक और कांग्रेस की टिकट पर लड़ चुके प्रत्याशियों को भी मूकदर्शक के रूप में बिठाए रखा।
हालांकि मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पंडाल में आते और जाते समय एक एक व्यक्ति से मिलने की प्रक्रिया अपनाई। लेकिन ज्यादातर ज्ञापन लेकर यह कार्यक्रम सीमित कर दिया। पुराने कांग्रेसियों का कहना था कि सीएम ने सिर्फ गौड़ को सरकार बचाने के लिए संकट मोचक बताकर तारीफ बांध दी जबकि श्रीकरणपुर और सादुलशहर कांग्रेसियों विधायकों की भूमिका पर एक शब्द तक नहीं बोला। वहीं पुराने कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने तक समय तक नहीं दिया। इन कांग्रेसियों को सबसे ज्यादा पीड़ा कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी रंधावा से थी जिन्होंने अपने परिवार और पंजाब के घटनाक्रम तक भाषण सीमित रखा जबकि लोकल कांग्रेसियों से फीडबैक लेने के लिए मिलने का समय तक नहीं दिया। वहीं रंधावा के कई रिश्तेदार भी आए लेकिन सुरक्षा घेरे के कारण उनसे व्यक्तिगत मिल नहीं पाए। पंजाब की तर्ज पर यहां भी कांग्रेस के दिग्गजों और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच दूरियां बनी रही।
झलकियां
-सभी नेता 11.36 पर कार्यक्रम स्थल आए और लोगों का अ भिवादन स्वीकार करते हुए मंच पर पहुंचे।
-सबसे पहले स्थानीय विधायक राजकुमार गौड़ ने मंच संभाला। आठ मिनट के संबोधन में उन्होंने राज्य सरकार के काम गिनाए तथा मिनी सचिवालय को पूर्ण करने तथा लालगढ़ हवाई पट्टी विस्तार की मांग रखी।- सादुलशहर विधायक जगदीश जांगिड़ ने चार मिनट के संबोधन में राज्य सरकार की आरे से सादुलशहर विधानसभा में किए गए कार्यों को गिनाया।
– श्रीकरणपुर विधायक गुरमीतसिंह कुन्नर ने किसानों को पंजाब की तर्ज पर गन्ने के भाव देने तथा पदमपुर में एडीजे कोर्ट खोलने की मांग रखी। कुन्नर ने दस मिनट में अपनी बात रखी।-जिले के प्रभारी मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने भी दस मिनट संबो धित किया। उन्होंने नहरों के लिए नेहरू को श्रेय दिया जबकि मुख्यमंत्री को गांधी का रूप बताया। उन्होंने कोरोनाकाल में भाजपा सांसद अर्जुनलाल मेघवाल के भाभाजी के पापड़ वाले बयान पर तंज कसा।
-प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने 18 मिनट तक संबोधित किया। उन्होंने चुटकी ली कि चार साल में भाजपा उनके खिलाफ एक भी आंदोलन नहीं कर पाई। कोरोना प्रबंधन में राज्य सरकार की प्रशंसा विपक्ष ने भी की।-प्रदेश प्रभारी सुखजिन्द्र सिंह भी 18 मिनट बोले। उन्होंने अपनी बात पंजाबी में कही। बोले श्रीगंगानगर को पंजाब से कभी अलग नहीं समझा।
– मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 1.03 बजे अपना भाषण शुरू किया। मुख्यमंत्री चालीस मिनट तक बाेले। इस बीच उन्होंने दो बार पानी पीया।-सबसे आ खिर में जिला प्रमुख कुलदीप इंदौरा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उनके उदबोधन के बीच ही नेता मंच से नीचे आ गए और लोगों से ज्ञापन वगैरह लेने लगे।
– सभी नेताओं का साफा पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने अपना साफा उतार दिया। उसके बाद कंघा निकाल कर उन्होंने कंघी भीकी। बाद में प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने साफा उतारा तो मुख्यमंत्री ने उन वाला साफा पहन लिया।