सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर). शहर में नगरपालिका की भूमि पर विभिन्न समाजों की ओर से धर्मशालाओं के निर्माण के लिए बोर्ड लगाकर उद्घाटन करने के मामले में जिला कलक्टर के आदेश के बाद नगरपालिका की ओर से नोटिस जारी करने पर संबंधित समाज व धार्मिक संस्थाओं में रोष फैल गया। इसको लेकर सोमवार को दो समाजों व धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने उपखण्ड कार्यालय पर संयुक्त प्रदर्शन किया। साथ ही कलक्टर के आदेश में विधायक रामप्रताप कासनिया की लिखित शिकायत का हवाला होने पर नागरिकों ने विधायक व नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार जिला कलक्टर कार्यालय की ओर से 12 अप्रेल को नगरपालिका अधिशासी अधिकारी को नोटिस जारी कर नगरपालिका भूमि से कुछ समाजों व धार्मिक संस्थाओं के अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए थे। जिला कलक्टर सौरभ स्वामी के नोटिस में विधायक रामप्रताप कासनिया की ओर लिखित शिकायत का हवाला देते हुए बताया कि सूरतगढ़ नगरपालिका की भूमि पर विभिन्न समाजों के द्वारा जमीन को उद्घाटन करवा कर अवैध कब्जा किया जाकर अतिक्रमण किया जा रहा है। कलक्टर ने इओ को ऐसे समस्त प्रकरणों में तुरंत कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाकर शीघ्र पालना रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करने के आदेश दिए। नगरपालिका की ओर से गत 26 मई को इन समाजों व धार्मिक संस्थाओं को नोटिस जारी कर भूमि पर निर्माण को अवैध बताते हुए 15 दिवस में हटाने के नोटिस जारी किए।
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समाजों व धार्मिक संस्थाओं ने किया संयुक्त प्रदर्शन
कलक्टर के आदेश पर नगरपालिका ने नूरी इंतेजामिया समिति, अखिल भारतीय नायक महासभा, शहीद बाबा दीप सिंह गुरद्वारा व श्री अमरनाथ लंगर सेवा समिति को 15 दिवस में कब्जे हटाने के नोटिस जारी किए। इसके बाद दोनों समाजों व दोनों धार्मिक संस्थाओं से जुड़े नागरिकों ने सोमवार को विधायक रामप्रताप कासनिया व पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा के खिलाफ रोष जताते हुए उपखण्ड कार्यालय पर संयुक्त प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि नगरपालिका एम्पॉवर्ड कमेटी में धार्मिक संस्थाओं व समाजों के लिए प्रस्ताव रखने के बाद भूमि पर निर्माण किया गया। यह भूमि समाजों के कल्याण व श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था के प्रतीकों के निर्माण के लिए उपयोग की जा रही है। ऐसे में इसे अतिक्रमण बताकर निर्माण हटाना गलत है।
विधायक रामप्रताप कासनियां ने बताया कि उन्होंने किसी सामाजिक या धार्मिक संस्थाओं को दी गई जमीन को लेकर कलक्टर को कोई लिखित शिकायत नहीं की। यह मामला जानकारी में आने पर जिला कलक्टर से जवाब-तलब भी किया गया है।