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SriGanganagar सेतिया कॉलोनी में आस्था का केन्द्र बना हाथी वाला गणेश मंदिर

Ganesh temple with elephant became the center of faith in Setia Colony- पुजारी मंशाराम ने संजोया था सपना, 32 साल पहले की गई स्थापना  

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SriGanganagar सेतिया कॉलोनी में आस्था का केन्द्र बना हाथी वाला गणेश मंदिर

SriGanganagar सेतिया कॉलोनी में आस्था का केन्द्र बना हाथी वाला गणेश मंदिर

श्रीगंगानगर। । सेतिया कॉलोनी में हाथी वाला गणेश मंदिर का आस्था का केन्द्र बन गया है।सेतिया कॉलोनी गली नं 3 मे स्थित हाथी वाले श्री सिद्धि विनायक गणेश मन्दिर बनाने का सपना पुजारी मंशाराम ने संजोया था। एल ब्लॉक हनुमान मंदिर में लंबे समय से पुजारी रहे मंशाराम और प्रबंध समिति के पदाधिकारियों में खटास आई तो उन्हेांने विकल्प के रूप में गणेश मंदिर स्थापित करने की तैयारी की। आखिर यह प्रयास रंग भी लाया। जन सहयोग से यह मंदिर परिसर तैयार हो गया। हालांकि पहले प्रेमनगर में मंदिर बनाने के लिए जगह भी देखी। लेकिन सेतिया कॉलोनी में लोकेशन अच्छी लगी तो वर्ष 1990 में इस मंदिर को स्थापित किया।

इसके करीब दस साल बाद वर्ष 2000 में पुजारी मंशाराम ने खुद इस मंदिर का संचालन करना शुरू किया तो श्रद्धालुओं का तांता लगने लगा। बच्चों और महिलाओं को मंदिर से सीधा जुड़ाव करने के लिए मंदिर की प्रबंध समिति ने मंदिर के मुख्य गेट पर दो हाथी के स्टेच्यू स्थापित करवाए गए। इससे मंदिर की पहचान भी बनी। वहीं मंदिर परिसर में चार हाथों में गणपति महाराज की करीब साढ़े चार फीट प्रतिमा भी लगाई गई। इसके साथ साथ बालाजी महाराज और मां शेरांवाली की प्रतिमा भी लगाई गई है। मंदिर परिसर में निर्माण का कार्य चल रहा है।

सेतिया कॉलोनी और प्रेमनगर पंजाबी बाहुल्य क्षेत्र है। इन परिवारों की महिलाओं का भजन कीर्तन के प्रति अधिक लगाव अधिक होने लगा तो मंदिर की प्रबंधन समिति ने यहां कार्यक्रम आयोजित करने शुरू किए। ऐसे में महिला श्रद्धालुओं की इस मंदिर के प्रति आस्था बढ़ी तो मंदिर की एकाएक पहचान हो गई। श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक होते देख मंदिर परिसर में भगवान श्रीराम,श्री बालाजी महाराज ,श्री गणपति महाराज सहित विभिन्न देवी-देवताओ की पूजा पाठ और भजन कीर्तन करने के लिए बकायदा श्रीगणेश महिला संकीर्तन मण्डल भी गठित किया गया है। इस मंडल से जुड़ी महिलाएं भजन कीर्तन करती है। घर के पास मंदिर होने से इस आस्था के केन्द्र का अब विस्तार होने लगा है।

रपुजारी लक्ष्मीनारायण मिश्र ने बताया कि मंगल कार्य करने से पहले प्रथम देव गणपति महाराज की पूजा अर्चना की जाती है। इस संबंध में लोग अपने परिवारिक सदस्य के विवाह या प्रतिष्ठान का मुहूर्त या अन्य मंगल कार्यो के लिए पहला निमंत्रण पत्र गणपति महाराज को देते है। इस कारण मंदिर में रोजाना कोई न कोई निमंत्रण पत्र देने का न्यौता देने के लिए लोग पहुंचते है। शिवनारायण मिश्र का कहना है कि इस बार भी गणेशोत्सव पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए मंदिर परिसर को भव्य रूप दिया जा रहा है। मंदिर में खाटूश्याम बाबा का दरबार का निर्माण भी कराया जा रहा है।