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गांवों की सफाई पर सवाल: कागजों में स्वच्छता, जमीन पर गंदगी बरकरार

श्रीगंगानगर.शिक्षा,विद्यालयी-संस्कृत एवं पंचायती राज विभाग के मंत्री मदन दिलावर गांवों में साफ-सफाई को लेकर सख्ती दिखा रहे हैं,लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। कुछ गांवों में बेहतर काम जरूर हुआ है,पर अधिकांश ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था कागजों तक सीमित दिखाई दे रही है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चल रहे […]

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श्रीगंगानगर.शिक्षा,विद्यालयी-संस्कृत एवं पंचायती राज विभाग के मंत्री मदन दिलावर गांवों में साफ-सफाई को लेकर सख्ती दिखा रहे हैं,लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। कुछ गांवों में बेहतर काम जरूर हुआ है,पर अधिकांश ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था कागजों तक सीमित दिखाई दे रही है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चल रहे सफाई कार्यों की स्थिति हालिया निरीक्षण में उजागर हुई है। जिले में सफाई के नाम पर हर साल लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं,बावजूद इसके गांवों में गंदगी की समस्या जस की तस बनी हुई है। जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठा, जिसके बाद प्रशासन ने निरीक्षण कर जांच भी करवाई।

मापदंड दांव पर,गांवों में सफाई नाम की

जिला परिषद के सीईओ गिरधर के निर्देश पर श्रीगंगानगर, सादुलशहर, सूरतगढ़, पदमपुर,करणपुर, रायसिंहनगर,श्रीविजयनगर, अनूपगढ़ और घड़साना पंचायत समितियों में अधिकारियों की टीमों ने निरीक्षण किया। इसमें सामने आया कि अधिकांश ग्राम पंचायतों में सफाई कार्य निविदा में तय मापदंडों के अनुरूप नहीं हो रहे हैं। घर-घर कचरा संग्रहण, कचरा पृथक्करण,सडक़ व नाली सफाई और सामुदायिक स्वच्छता परिसरों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली।

52 ग्राम विकास अधिकारियों को नोटिस व चार्जशीट

निरीक्षण में लापरवाही मिलने पर 52 ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। उन्हें सात दिन में सुधार रिपोर्ट देने और नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इनमें जहां पर ज्यादा ही सफाई ठीक नहीं है इनको चार्जशीट भी दी गई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नोटिस देने से व्यवस्था नहीं सुधरेगी,जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी।

बड़े सवाल बरकरार

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब बजट नियमित जारी हो रहा है,तो उसका प्रभाव जमीनी स्तर पर क्यों नहीं दिख रहा? प्रति ग्राम पंचायत खर्च की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं है। कई जगह टेंडर प्रक्रिया अधूरी है,तो कहीं ग्राम पंचायतें स्वयं सफाई करवा रही हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पैक्ट फाइल

  • कुल पंचायत समितियां: 9
  • कुल ग्राम पंचायतें: 341
  • 277 पंचायतों में संवेदक, 18 में राजीविका, 46 में स्वयं सफाई
  • 52 ग्राम विकास अधिकारियों को नोटिस
  • दिसंबर 2025 से अब तक 220 से अधिक निरीक्षण

सीईओ का वर्जन

जिले की ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई कार्यों का सघन निरीक्षण कराया गया है। जहां भी लापरवाही पाई गई है,वहां संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों को नोटिस व चार्जशीट जारी कर जवाब मांगा गया है। निर्धारित मापदंडों के अनुसार नियमित सफाई सुनिश्चित करवाई जा रही है। सुधार नहीं होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

-गिरधर,सीईओ, जिला परिषद, श्रीगंगानगर।