
सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले विशेष आवश्यकता वाले बच्चे, जो खुद चल कर स्कूल नहीं आ सकते और जिनको स्कूल तक लाने व ले जाने के लिए किसी व्यक्ति की जरूरत होती है, ऐसे छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को शिक्षण सत्र 24-25 में परिवहन भत्ता दिया जाएगा। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने सभी संस्था प्रधानों को इस बारे में दिशा-निर्देश जारी किए है। योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को हर 3 माह में परिवहन भत्ता दिया जाएगा, जो सीधे उनके बैंक खाते में जमा होगा।
एडीपीसी समसा के अनुसार पहली से 12वीं तक के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को यह भत्ता स्वीकृत किया जाएगा। ऐसे विद्यार्थी जो डिसेबिलिटी एक्ट 2016 में निर्धारित 21 श्रेणियों में आते हैं, वे इस भत्ते को पाने के पात्र होंगे। उन 24 श्रेणियों में अस्थिदोष, दृष्टिदोष, श्रवण दोष, मानसिक विमंदित, सेरेब्रल पाल्सी तथा आटिज्म आदि शामिल हैं। इस श्रेणी में आने वाले सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थी, जो 40 फीसदी या इससे ज्यादा दोष से प्रभावित हैं, उन्हें ये भत्ता स्वीकृत किया जाएगा। इसके लिए सक्षम चिकित्सा अधिकारी का दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना जरूरी होगा।
जिन विशेष आवश्यकता वाले छात्र-छात्राओं को सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग या अन्य किसी योजना से परिवहन भत्ते की राशि मिल रही है,उन्हें यह भत्ता नहीं मिलेगा।
पात्र छात्र-छात्राओं को अधिकतम 450 रुपए प्रतिमाह से 10 माह के लिए तीन किश्तों में परिवहन भत्ता दिया जाएगा। पहली किश्त जुलाई माह में सितंबर तक की सीधे ही छात्र-छात्रा तथा उसके अभिभावक के संयुक्त बैंक खाते में जमा कराई जाएगी। इसी तरह अक्टूबर में दूसरी तथा जनवरी में तीसरी किश्त दी जाएगी,जो अप्रेल तक होगी। ये भुगतान विद्यार्थी की शाला में उपस्थिति के आधार पर देय होगा।
समग्र शिक्षा अभियान के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक अरविंद्र सिंह ने बताया कि इस योजना में पात्र बच्चों के आवेदन पत्र संबंधित विद्यालय के संस्था प्रधान की ओर से भरवाए जाएंगे। पीइइओ व यूसीइइओ के माध्यम से इन आवेदन पत्रों को प्रमाणीकरण के बाद संबंधित ब्लॉक के सीबीइओ कार्यालय में जमा करवना होगा।
Published on:
02 Jul 2024 02:23 pm
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