श्रीगंगानगर। इलाके में रविवार को आई बरसात से उमस भरी गर्मी से राहत मिली। सुबह दस बजे से सुबह साढ़े ग्यारह बजे तक बरसात से फिर शहर जलमग्न हुआ लेकिन इस बार नगर परिषद प्रशासन की ओर से पानी निकासी में बेहतर नजर आई। लेकिन यूआईटी क्षेत्र में पानी निकासी की अड़चन बनी रही। मौसम विभाग ने 23.4 एमएम बरसात दर्ज की है। बरसात मांझूवास लेकर जिला मुख्यालय तक नजर आई। सुबह साढ़े दस बजे बरसात ने जोर पकड़ा तो रवीन्द्र पथ, गगन पथ, गौशाला मार्ग, ब्लॉक एरिया, सुखाडि़या सर्किल एरिया, पुरानी आबादी एरिया जलमग्न हो गए। इसके बाद पानी निकासी की प्रक्रिया शुरू हुई शाम चार बजे तक पानी सड़कों पर नजर नहीं आया। लेकिन मीरा चौक से लेकर चहल चौक तक, इस चौक से मोटर मार्केट एरिया होते हुए सूरतगढ़ रोड का मुख्य नाला पानी से लबालब नजर आया। यही हाल सुखाडि़या सर्किल से शिव चौक तक मुख्य नाले से पानी निकासी अटकी रही। इसका असर सुखाडि़या सर्किल पर नजर आया। सुखाडि़या सर्किल पर पानी इतना अधिक था कि वहां से आवाजाही में परेशानी आई। इधर, पुरानी आबादी में बरसात के चंद घंटों के बाद पानी सड़कों से नदारद हो गया।
रविवारीय अवकाश के दौरान सुबह साढ़े दस बजे जैसे ही बरसात ने जोर पकड़ा तो घरों में बैठे बच्चे और महिलाओं ने इसका फायदा उठाया। बरसात में नहाते हुए बच्चे उछलकूद करने लगे। वहीं युवतियों ने अपने घरों की छतों पर जाकर मोबाइल से सेल्फी और वीडियोग्राफी की। पार्को में भी रिमझिम बरसात के दौरान कई लोग फुटबॉल और क्रिकेट खेलते हुए नजर आए। इधर, कचौरी और समोसे की रेहडि़यों और दुकानों पर लोगों की खूब खरीददारी रही। कई लोगों ने अपने घरों में नमकीन व्यंजन बनाने और खाने का रविवारीय अवकाश के दौरान दोहरा फायदा लिया।
सुखाडि़या सर्किल से बाबा रामदेव मंदिर तक सड़क मार्ग पर पानी निकासी नहीं हो पाई। सुखाडि़या सर्किल से शिव चौक तक मुख्य नाले में पानी निकासी के लिए न्यास प्रशासन अधिकृत हैं। लेकिन न्यास का एक भी अधिकारी इस बरसात में पानी निकासी का बंदोबस्त करता नजर नहीं आया। इस रोड पर कई जगह भवन निर्माण का काम चल रहा है, इस कारण मुख्य नाले से पानी की निकासी अटक गई है। इसका नुकसान राहगीरों को उठाना पड़ा। सड़क पर पानी लबालब होने के कारण राहगीरों खासतौर पर पैदल और दुपहिया वाहन चालकों को परेशानी हुई।
आरयूआईडीपी की ओर से वाटर लाइन और सीवर लाइन बिछाई गई है। लेकिन कई एरिया में सड़कों की मरम्मत तक नहीं हो पाई। इंदिरा कॉलोनी की गली नम्बर तीन में पिछले छह माह से वाटर लाइन बिछाने के बाद खोली गई सड़क अब तक दुरूस्त नहीं हो पाई है। इस संबंध में वार्ड पार्षद बंटी पाहुजा ने भी शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं जवाहरनगर सैक्टर सात में वाटर लाइन बिछाई को एक साल का समय बीत चुका है लेकिन गलियों में सड़कों की मरम्मत कराने के लिए आरयूआईडीपी ने कदम नहीं उठाया है। यही हाल पुरानी आबादी के वार्ड 22 का है। यहां भी वाटर लाइन बिछाने के बाद सड़क मरम्मत का कार्य धीमी गति से चल रहा है। इधर, भगतसिंह चौक से गंगासिंह चौक पर सड़क में पाइप लाइन डालने का काम फिर से शुरू किया है।
जैसे ही बरसात थमी तो नगर परिषद के स्वास्थ्य अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह की अगुवाई में टीम ने पुरानी आबादी और गुरुनानक बस्ती के गडढा क्षेत्रों का जायजा लिया। पंप हाउस में जाकर पानी की मोटरों का निरीक्षण कर वहां तैनात कार्मिकों से फीडबैक लिया। इसके बाद रवीन्द्र पथ,रामलीला मैदान, सुखाडि़या सर्किल, जी ब्लॉक, एन ब्लॉक में बनाए गए वाटर हासर्वेिस्अँग सिस्टम का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य अधिकारी ने दावा किया गया कि बरसाती पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम किए गए है। इधर, न्यास क्षेत्र में कई जगह पानी निकासी नहीं हो पाई। इस संबंध में लोगों ने जिला प्रशासन से भी शिकायतें की।