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सरकार ने गठित की चार मंत्रियों की समितिमहात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल: समीक्षा ने बढ़ाई अभिभावकों और शिक्षकों की चिंता

अब प्रदेश सरकार ने 3,737 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की समीक्षा के लिए समिति गठित की है

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  • श्रीगंगानगर.श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ सहित राज्य में महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की समीक्षा प्रक्रिया ने अभिभावकों और शिक्षकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। अब प्रदेश सरकार ने 3,737 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की समीक्षा के लिए समिति गठित की है। इसके अध्यक्ष उप-मुयमंत्री प्रेमचंद बैरवा हैं। इसमें शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, चिकित्सा मंत्री गजेन्द्रसिंह और खाद्य मंत्री सुमित गोदारा सदस्य हैं। इस समिति की सिफारिशों पर इन विद्यालयों का भविष्य निर्भर है। इन स्कूलों के बारे में अधूरी जानकारी और असमय समीक्षा की खबरों के कारण इस सत्र में नामांकन में कमी आ गई। गौरतलब है कि श्रीगंगानगर जिले में 82 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल संचालित हैं।

इन स्कूलों ने गरीब परिवारों को अंग्रेजी शिक्षण का मिला लाभ

  • प्रदेश के 3737 महात्मा गांधी स्कूलों में से 113 हनुमानगढ़ में, 162 बीकानेर में, और 113 चूरू में हैं। इन स्कूलों की प्रतिदिन की गतिविधियों पर नजर रखने वाली समिति अब स्कूलों की वास्तविक स्थिति के बारे में रिपोर्ट तैयार करने की तैयारी कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में इन स्कूलों ने गरीब परिवारों को अंग्रेजी शिक्षण का लाभ दिया है। आधिकारिक तौर पर स्कूलों की समीक्षा के लिए कोई निश्चित प्रक्रिया नहीं बनाई गई है। शिक्षकों का मानना है कि शिक्षा और संसाधनों की कमी से छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा।

नियुक्ति प्रक्रिया पर लग जाएगी ब्रेक

  • महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में श्रीगंगानगर जिले में 400 से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इन पदों पर चयनित शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी। हालांकि विभाग ने रिक्त पदों के बारे में डीइओ से जानकारी मांगी थी, लेकिन अब नियुक्ति प्रक्रिया पर ब्रेक लग गया है। यह प्रक्रिया समीक्षा की वजह से एक बार लटक गई है। अब इन शिक्षकों की नियुक्ति में देरी होगी, जिससे स्कूलों में पढ़ाई पर असर पड़ सकता है।

स्कूल बंद किए तो फिर आंदोलन

  • राज्य सरकार के गठन के एक वर्ष बाद अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों को बंद करना गरीब बच्चों के प्रति अन्याय है। यदि सरकार ने समीक्षा के नाम पर विद्यालयों को बंद करने का निर्णय लिया तो फिर तो संगठन आंदोलन करेगा। सरकार से अपील है कि वह गांव-ढाणी में विद्यार्थियों के लिए इन विद्यालयों को बनाए रखें और आवश्यक स्टाफ एवं संसाधन प्रदान करें।
  • -राधेध्याम यादव , प्रांतीय कोषाध्यक्ष राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत), श्रीगंगानगर।