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मूंग की कम दाम में खरीद से एक हजार रुपए प्रति क्विंटल से अधिक का नुकसान

-किसान मूंग कम दाम में बेचने को मजबूर -सरकारी खरीद अघोषित रूप से बंद

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श्रीगंगानगर।

किसानों को मूंग में एक हजार रुपए प्रति क्विंटल से अधिक का नुकसान हो रहा है। इसकी सरकारी खरीद अघोषित रूप से बंद होने के कारण ऐसा हो रहा है।मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5575 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित है जबकि बाजार में यह मंदा बिक रहा है। बुधवार को नई धान मंडी में मूंग की ढेरियां 4300 से 4350 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बिकी।

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मूंग की सरकारी खरीद यहां 12 अक्टूबर को शुरू हुई थी, बीच-बीच में यह बाधित हुई। इसके लिए रजिस्ट्रेशन नवम्बर तक हुआ, बीच मेंएक सप्ताह के लिए खोला गया और उसके बाद से यह काम बंद पड़ा है। मंडी में माल लाने वाले किसानों के अनुसार उनका माल अभी आना शेष है, ऐसे में खरीद जारी रखी जानी चाहिए।

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उल्लेखनीय है कि मूंग की सरकारी खरीद के लिए श्रीगंगानगर, रायसिंहनगर, समेजा कोठी, गजसिंहपुर, पदमपुर, श्रीकरणपुर,केसरीसिंहपुर, सादुलशहर, लालगढ़ जाटान, सूरतगढ़, रिडमलसर, बींझबायला, अनूपगढ़, घड़साना, रावला, श्रीबिजयनगर, जैतसर, भादरा, नोहर, संगरिया, रावतसर, हनुमानगढ़ जंक्शन एवं गोलूवाला को निर्धारित किया हुआ है। इन केंद्रों पर अभी तक एक लाख 49 हजार 723 क्विंटल की खरीद हुई है।

अटका हुआ है भुगतान
सरकार को मूंग बेचने वाले किसानों का भुगतान अटका हुआ है। ऑन लाइन भुगतान की व्यवस्था के चलते किसानों के बैंक खाते में सीधे जयपुर से राशि डाली जाती है। किसानों के अनुसार 10 दिसम्बर तक बेचे माल का भुगतान ही आया है, उसके बाद जिन किसानों ने सरकार को मूंग तोला, वे राशि का इंतजार ही कर रहे हैं।

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10263 किसान लाभान्वित
मूंग की सरकारी खरीद से अभी तक श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में 10 हजार 263 किसान ही लाभान्वित हुए हैं। श्रीगंगानगर जिले के इन किसानों की संख्या 9238 तथा हनुमानगढ़ जिले के किसानों की संख्या 1025 है। दोनों जिलों में सर्वाधिक 1319 किसान घड़साना खरीद केंद्र से लाभान्वित हुए हैं।