
ग्वारफली व नरमे से किसान को हो रही अतिरिक्त आमदनी
किन्नू के बाग को सिंचाई की जरूरत नहीं
किसान ने किन्नू के बाग में एक बीघा जगह में ग्वार की मेड पद्धति से बिजाई की है। ग्वार के साथ-साथ अब 15 दिन पहले ही नरमे की बिजाई भी की है। किसान के अनुसार मेड पद्धति से बिजाई करने के बाद की जा रही सिंचाई से किन्नू के बाग को भी पानी देने की आवश्यकता नहीं रहती है। ग्वार की फसल पककर तैयार होने के बाद अब बुवाई की गई कॉटन की फसल भी कामयाब होने के पूरे आसार हैं।
पेस्टिसाइड की नहीं है आवश्यकता
किसान ने बताया कि 10 मार्च को ग्वार की बुवाई की थी और 30 अप्रेल से पौधों पर फलियां शुरू हो चुकी है। 70 से लेकर 150 प्रति किलो के हिसाब से ग्वार की फली इन दिनों बाजार में बिक रही है। ग्वार की फसल में पेस्टिसाइड की किसी प्रकार की आवश्यकता नहीं पड़ती है। यह बहुत कम खर्चे में अधिक मुनाफा देने वाली फसल है।
श्योपत चौहान — लाधूवाला
Published on:
18 May 2023 02:11 pm
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