
छह साल बाद भी आधा अधूरा सीवर प्रोजेक्ट,छह साल बाद भी आधा अधूरा सीवर प्रोजेक्ट
श्रीगंगानगर. इलाके में वाटर लाइन और सीवर लाइन बिछाने का काम छह साल बीतने के बावजूद अधूरा हैं। राज्य के स्वायत्त शासन विभाग ने जिला मुख्यालय पर सीवर लाइन और वाटर लाइन बिछाने के साथ साथ घरों का कनैक्शन करने के लिए आरयूआईडीपी को नोडल एजेंसी बनाकर इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 454 करोड़ रुपए का बजट उपलब्ध कराया। इस नोडल एजेंसी ने एलएंडटी कंपनी को सीवर लाइन और वाटर लाइन पूरा करने का ठेका दिया, इसके एवज में अब तक 321 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका हैं लेकिन इसके बावजूद काम अब तक अधूरा है। अब अक्टूबर के पहले सप्ताह में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने वाली हैं, इसे देखते हुए सीवर लाइन की टाइम लाइन अब तीस सितम्बर तय की हैं। इसे देखते हुए ठेका कंपनी एलएंडटी ने मीरा मार्ग पर बिछाई गई सीवर लाइन से पानी निकालकर टेस्टिंग की जा रही हैं। तकनीकी स्टाफ का कहना है कि इन लाइनों में कई जगह पानी अटका हुआ हैं, अब इसे साफ कर एक साथ जांचा जा रहा हैं।
इधर, तहसील रोड पर भी पाइप लाइनों को साफ कराने की कवायद शुरू की गई हैं। पुरानी आबादी के अलावा पूरे शहर में सीवर लाइनों को एसटीपी से जोड़ने के लिए ताकत झोंकी हैं।
कैलेंडर में साल बदल गया लेकिन आरयूआइडीपी की चाल नहीं बदली है। वर्ष 2017 से शुरू हुआ यह काम जनवरी 2020 तक पूरा होना था लेकिन वर्ष 2022 बीतने के बाद जनप्रतिनिधियों और आला अफसरों की मेहरबानी से इसकी समय अवधि 31 मार्च 2023 तक बढ़ा दी थी और फिर 30 जून 2023 तक कर दी गई हैं लेकिन अब 30 सितम्बर 2023 तक बढाई हैं। आईयूआईडीपी के अनुसार यह काम दो भागों में बांटा गया। पहले भाग में पूरे शहर में सीवर लाइन बिछाने और दूसरे भाग में वाटर लाइन बिछाने का लक्ष्य दिया गया। सीवर लाइन 327 किमी लंबी बिछानी थी लेकिन अब तक 270 किमी तक लाइन बिछ पाई हैं। ठेकेदार ने यह काम करीब साढ़े 82 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त होने का दावा किया है जबकि करीब 47 किमी काम अब भी अटका हुआ है।
इसी प्रकार वाटर लाइन बिछाने के लिए 450 किमी लंबी लाइन का लक्ष्य तय किया गया, इसमें से अब तक 363 किमी लाइन बिछ पाई है। शेष 87 किमी लाइन बिछाने का काम चल रहा हैं। सीवर और वाटर लाइन बिछाने के बाद सड़कों के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया भी काफी धीमी हैं।
शहर में तीन एसटीपी बनने थे, इसमें से दो जगह ही एसटीपी का निर्माण हो पाया हैं। लेकिन पुरानी आबादी में एसटीपी का निर्माण नहीं हुआ है। गुरुनानक बस्ती और सूरतगढ़ बाइपास एरिया में बने एसटीपी को चालू हालत में यूआईटी की ओर से आरयूआईडीपी को हैंड ओवर नहीं देते तब तक सीवर लाइन जोड़ा नहीं जा सकता। इस कारण सीवर लाइन को सर्वोच्च प्राथमिकता पर नहीं रखा गया हैं। पुरानी आबादी में एसटीपी नहीं बनने से पूरे पुरानी आबादी क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाने का काम हटा दिया।
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सीवर प्रोजेक्ट की फैक्ट फाइल
दूसरा चरण की शुरुआत: 5 जनवरी 2017
पूरा करने की टाइम लाइन: 5 जनवरी 2020
फिर बढ़ाई ठेका समय अवधि: 31 मार्च 2023
अब नई टाइम लाइन अवधि: 30 सितम्बर 2023
सीवर लाइन बिछाने का लक्ष्य 327 किमी
अब तक पूरा हुआ काम: 270 किमी
अधूरा काम: 47 किमी
कितने प्रतिशत हुआ काम: 82:50 प्रतिशत
Published on:
26 Aug 2023 11:43 pm

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