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Video: जिला चिकित्सालय में हीमो डायलिसिस यूनिट होगी शुरू, किडनी रोगियों को मिलेगी राहत

कपंनी ने इसके लिए तीन लाख रुपए की बैंक गारंटी तक जमा करवा दी गई है।

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श्रीगंगानगर.

कृषि बाहुल्य श्रीगंगानगर जिले के किडनी रोगियों के लिए नए वर्ष में बड़ी राहत की खबर है। चिकित्सालय प्रबंधन के अनुसार एक सप्ताह में जिला चिकित्सालय में डायलिसिस यूनिट शुरू कर दी जाएगी। जिला चिकित्सालय प्रबंधन से चंडीगढ़ की राही केयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से 20 नवंबर 2017 को पीपीपी मोड पर संचालन करने के लिए अनुबंध हुआ था। कपंनी ने इसके लिए तीन लाख रुपए की बैंक गारंटी तक जमा करवा दी गई है।

विभाग से किए अनुबंध के अनुसार हीमो डायलिसिस यूनिट चिकित्सालय की पुरानी शिशु नर्सरी यूनिट में संचालित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार पहले सरकारी स्तर पर हीमो डायलिसिस यूनिट चालू करवा रहा था। इसके लिए पूरी प्रक्रिया कंप्लीट कर ली गई और पिछले साल जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने इसका निरीक्षण कर चालू करने के आदेश तक दे दिए थे। इसके दो दिन बाद विभाग ने हीमो डायलिसिस यूनिट को पीपीपी मोड पर देने का निर्णय किया।

हालांकि इस यूनिट को यहां पर स्थापित करने के लिए आरएमआरएस से पांच लाख रुपए की राशि तक खर्च कर दी गई। दो डॉक्टर और आधा दर्जन नर्सिंग कर्मियों को प्रशिक्षण तक दिलवाया गया।

कंपनी को सात जिलो में मिला ठेका

राज्य सरकार ने सात जिलों के लिए चंडीगढ़ की राही केयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को हीमो डायलिसिस यूनिट के लिए ठेका दिया गया है। इसमें श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर , नागौर, जालौर, सिरोही व प्रतापगढ़ जिला शामिल है। इनको मिलेगा नि:शुल्क डायलिसिस--चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अनुसार विशेष श्रेणी के रोगियों के लिए हीमो डायलिसिस की सुविधा नि:शुल्क रहेगी। इनमें बीपीएल,महिला,सीनियर सिटीजन,लावारिश,कैदी आस्था कार्डधारी रोगियों को हीमो डायलिसिस की सुविधा नि:शुल्क दी जाएगी। वहीं,एपीएल रोगियों से 1080 रुपए का भुगतान लिया जाएगा।

जबकि प्राइवेट चिकित्सालयों में हीमो डायलिसिस पर तीन से चार हजार रुपए का खर्चा आता है। अधिक होगी मशीन--सरकार की ओर से हीमो डायलिसिस यूनिट के लिए दो मशीनें चिकित्सालय में स्थापित की गई है। लेकिन कंपनी से बाद में हुए अनुबंध में अधिक मशीनें लगाने का निर्णय हुआ है। इसके तहत दो मशीनों के अलावा कंपनी चार मशीन और लगाएगी। डायलिसिस का समय सुबह आठ बजे से शमा छह बजे तय किया गया है। एक डायलिसिस सैशन में साढ़े तीन से चार घंटे तक का समय लगता है। इस तरह एक मशीन पर तीन रोगियों का डायलिसिस हो पाएगा।

क्या होगा लाभ

सरकारी चिकित्सालय में मिलने वाली हीमो डायलिसिस की सुविधा प्राइवेट चिकित्सालय की तुलना में ना सिर्फ सस्ती होगी,बल्कि इसके लिए विशेष तौर पर प्रशिक्षित स्टाफ ही उपचार करेगा। इसके लिए जिला चिकित्सालय की ओर से निदेशाालय के निर्देश पर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया था।

चंडीगढ़ की राही कपंनी के साथ हुए अनुबंध के मुताबिक कंपनी की ओर से विशेषज्ञ चिकित्सक,टैक्नीशियन व नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था हीमो डायलिसिस यूनिट संचालन के लिए लगाया जाएगा। इससे लोगों को डायलिसिस के लिए बीकानेर नहीं जाना पड़ेगा। बीस लाख रुपए की लागत से दो हीमो डायलिसिस मशीनें, मॉड्यूलर वाटर इनलेट फिल्टर,दो मोटराइज्ड बैड, आरओ प्लांट सहित अन्य उपकरण स्थापित कर दिए गए हैं। इस यूनिट के लिए पुरानी एफबीएनसी यूनिट में उपकरण स्थापित कर दिए हैं।

चंडीगढ़ की राही केयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से जिला चिकत्सालय में हीमो डायलिसिस मशीन संचालन करने के लिए अनुबंध हो चुका है। कंपनी प्रतिनिधि को अब फिर से पत्र लिखकर एक सप्ताह में यूनिट संचालन करने के लिए पाबंद किया गया है। किडनी रोगियों के लिए बहुत अच्छी खबर है। डॉ.सुनीता सरदाना, पीएमओ, जिला चिकित्सालय,श्रीगंगानगर।