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हाईकोर्ट जस्टिस मनोज गर्ग का सपना हुआ साकार

High Court Justice Manoj Garg's dream came true- श्रीगंगानगर में नई कोर्ट बिल्डिंग और अधिवक्ताओं के लिए चैम्बर्स बनाने के लिए किया भूमि पूजन

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हाईकोर्ट जस्टिस मनोज गर्ग का सपना हुआ साकार

हाईकोर्ट जस्टिस मनोज गर्ग का सपना हुआ साकार

श्रीगंगानगर. राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर के जस्टिस मनोज गर्ग और इन्द्रजीत सिंह ने पुरानी शुगर मिल की भूमि पर नई कोर्ट बिल्डिंग के लिए सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन किया। प्रस्तावित कोर्ट बिल्डिंग स्थल पर शिलान्यास पट्टिका का अनावरण किया।

इसके बाद जस्सासिंह मार्ग पर एक रिसोर्ट में बार संघ की ओर से सम्मान कार्यक्रम में जस्टिस गर्ग का कहना था कि मेरे जीवनकाल में नई कोर्ट बिल्डिंग बनाने का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है, जब मौका मिला तो नई कोर्ट बिल्डिंग संबंधित पत्रावली देखी तो पिछले पन्द्रह सालों से यह प्रक्रिया अटकी हुई थी।

भूमि आवंटन की प्रक्रिया को शुरू करवाया। बजट के लिए राज्य सरकार के एडवोकेट जनरल के माध्यम से वित्त विभाग से संपर्क किया गया। आखिर १११ करोड़ ८७ लाख रुपए का बजट की मंजूरी मिली। सरकार ने यह काम पांच साल में पूरा करने के लिए समय निर्धारित किया है लेकिन हमने तो इसे चार साल में पूरा करने का संकल्प कर लिया है।

इस संबंध में सार्वजनिक निर्माण विभाग से जल्दी से टैण्डर और वर्क ऑर्डर के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बार संघ को भी नसीहत दी कि प्रस्तावित बिल्डिंग प्रोजेक्ट में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है।

इसके लिए पन्द्रह सदस्यीय अधिवक्ताओं की कमेटी बनाकर सुबह शाम अपनी विजिट कर पूरी रिपोर्ट तैयार करें ताकि इलाकेवासियों को न्याय का यह भव्य मंदिर आकर्षक का केन्द्र बन सके।

इस कार्यक्रम में जस्टिस इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि २६ अक्टूबर १९२७ में गंगानगर की स्थापना महाराजा गंगासिंह ने की थी। स्टेट समय में ही श्रीगंगानगर में न्यायालयों की स्थापना हुई थी।

अब नई कोर्ट बिल्डिंग का श्रीगणेश भी अक्टूबर माह में किया गया है। उन्होंने अपने संबोधन में पिता अधिवक्ता मनफूलराम, परिवार के सदस्य विख्यात अधिवक्ता गणतराम और मौजूदा अपने चाचा श्रीराम वर्मा के मार्गदर्शन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इलाके के वरिष्ठ अधिवक्ता अपने अनुभवों को युवा अधिवक्ताओं के लिए मार्गदर्शन करने का काम करें ताकि न्याय व्यवस्था में यह अधिक सहायक हो सकेगा। इस दौरान सैशन जज चन्द्रशेखर शर्मा, बार संघ सचिव हरीश सोनी, प्रवीण आहुलवालिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में बार संघ के अध्यक्ष विजय रेवाड़ के अलावा इलाके के न्यायिक अधिकारी और अधिवक्तागण मौजूद थे। इस बीच, बार काउसिंल ऑफ राजस्थान के सदस्य नवरंग चौधरी ने बताया कि बार काउसिंल ऑफ इंडिया ने पूरे राजस्थान में पांच ई लाइब्रेरी की घोषणा की है। इसमें एक श्रीगंगानगर मुख्यालय पर खुलेगी। इस पर करीब पचास लाख रुपए का बजट खर्च किया जाएगा। प्रदेश में श्रीगंगानगर के अलावा कोटा, बाड़मेर, बीकानेर और भरतपुर में भ्ीा ई लाइब्रेरी खुलेगी। इससे पहले शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान जस्टिस गर्ग ने प्रत्येक अधिवक्ता से मिलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। खुद मंच छोड़कर दर्शक दीर्घा में पहुंचे। यहां तक कार में जैसे ही बैठने लगे तो उन्होंने बार संघ के पुराने कार्मिक विजय गांधी को देखा तो वापस नीचे उतरकर भीड़ में से गांधी को अपने पास बुलाया और फोटो खिंचवाई।

वहीं सम्मान कार्यक्रम में मंचासीन गर्ग को पगड़ी पहनाने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता वयोवृद्ध रामप्रकाश गुप्ता का नाम लिया गया तो गुप्ता मुश्किल से कुर्सी से उठे तो यह देखकर गर्ग खुद मंच से नीचे उतरे और उनके पास जाकर आशीर्वाद लिया। जस्टिस बनने से पहले गर्ग वकालत करते थे, इस कारण इलाके के अधिकांश अधिवक्ताओं से सीधा संपर्क था। कई अधिवक्ताओं ने गर्ग को गले मिलकर बधाई दी तो किसी ने उनके पांव छूकर आशीर्वाद लिया।