
यह कैसा बंटवारा: कमाई हमारी, गंदगी तुम्हारी
श्रीगंगानगर.
चार साल पहले राज्य सरकार के आदेश पर नगर विकास न्यास ने जवाहरनगर, सुखाडिय़ा नगर, अशोक नगर का एरिया नगर परिषद को सुपुर्द कर दिया था। लेकिन इस इलाके में विभिन्न संस्थाएं और सरकारी कार्यालयों से लीज शुल्क का हिसाब किताब नहीं दिया। यहां तक कि लीज शुल्क वसूलने का रजिस्टर और दस्तावेज नहीं सौंपे। ऐसे में संबंधित संस्थाएं और सरकारी विभागों से लीज शुल्क के रूप में यूआईटी खुद ही वसूलने लग गई।
यह वसूली करीब लाखों रुपए का अनुमान है। जबकि इन इलाकों में सफाई व्यवस्था, सड़क और नालियों का निर्माण करवाने की जिम्मेदारी नगर परिषद प्रशासन की है। यह खुलासा तब हुआ जब पार्षद पवन गौड़ ने एक संस्था का हिसाब किताब के लिए जब नगर परिषद में संपर्क किया तो वहां यह रिकॉर्ड नहीं था।
परिषद अधिकारियों का कहना था कि न्यास ने इस संबंध में कोई हिसाब किताब या दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं। ऐसे में आयुक्त सुनीता चौधरी ने यह जानकारी मांगी तो हकीकत सामने आ गई कि पिछले चार सालों से नगर विकास न्यास प्रशासन ही संबंधित संस्थाओं और सरकारी विभागों से लीज शुल्क वसूल रही है।
लाखों रुपए बकाया शुल्क
परिषद अधिकारियों ने बताया कि गगन पथ पर डाक अधीक्षक कार्यालय, बीएसएनएल ऑफिस, अरोडवंश पब्लिक स्कूल और कॉलेज, मीरा चौक के पास श्याम संकीर्तन मंडल भवन, राज्य प्रावधायी एवं निधि विभाग, मौसम विभाग, सदर थाना, बिरमादेवी चेरीटेबल ट्रस्ट, अम्बेडकर सभा, तहसील कार्यालय, जवाहरनगर सैक्टर आठ स्थित पीएचईडी कार्यालय, अग्रसेनगर चौक के पास स्थित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और छात्रावास, राउमाप्रावि नम्बर 12 आदि विभागों और संस्थाओं के भवनों पर सालाना लीड शुल्क लाखों रुपए बकाया है। इसमें से कई संस्थाओं और विभागों ने अपनी राशि न्यास में जमा करा दी लेकिन इसका हिसाब किताब अब तक नगर परिषद को नहीं मिला है।
यूआईटी से करेंगे वसूली
यह सही है कि जब गंदगी की बारी आती है तब नगर परिषद का क्षेत्राधिकार बताकर लोगों को हमारे पास भिजवाया जाता है लेकिन लीज शुल्क से कमाई यूआईटी खुद कर रही है। अब यह मामला हमारे सामने आया है, इस संबंध में न्यास से वसूली की जाएगी। इस संबंध में लिखित में न्यास को अवगत कराया जा रहा है।
- सुनीता चौधरी, आयुक्त, नगर परिषद
Published on:
09 Jun 2018 07:57 am
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