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सिंचाई  विभाग के अधिकारियों ने घग्घर बहाव क्षेत्र का किया निरीक्षण

विभाग के एक्सइएन निरंजन मीणा ने घग्घर बहाव क्षेत्र से होते हुए भारत-पाक सीमा की तारबंदी तक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भारतीय किसान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष जसवंत ङ्क्षसह चंदी तथा सरपंच मनवीर ङ्क्षसह भी साथ रहे

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सिंचाई  विभाग के अधिकारियों ने घग्घर बहाव क्षेत्र का किया निरीक्षण

सिंचाई  विभाग के अधिकारियों ने घग्घर बहाव क्षेत्र का किया निरीक्षण

अनूपगढ़. गत दो दिनों से घग्घर बहाव क्षेत्र पानी का दबाव बढऩे के कारण बंधे टूटने की सूचना एवं गांव पुराना ङ्क्षबजौर में पानी घुसने की आशंका के मद्देनजर ङ्क्षसचाई विभाग के अधिकारी रात्रि से गांव ङ्क्षबजौर के तटबंधों का निरीक्षण कर रहे है। शुक्रवार को ङ्क्षसचाई विभाग के एक्सइएन निरंजन मीणा ने घग्घर बहाव क्षेत्र से होते हुए भारत-पाक सीमा की तारबंदी तक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भारतीय किसान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष जसवंत ङ्क्षसह चंदी तथा सरपंच मनवीर ङ्क्षसह भी साथ रहे। उन्होंनें बहाव क्षेत्र में आने वाले तटबंधों की मजबूती देखी तथा पानी के बहाव से होने वाले नुकसान की आशंका को आका। उन्होंनें बताया कि जो मजबूत तटबंधे है,वह सभी सही पाए गए है। उन्होंनें कहा कि सीमा सुरक्षा बल की तरफ से गश्त करने के लिए उंची सडक़ का निर्माण किया गया था, घग्घर के पानी को सडक़ के नीचे से निकाल कर तारबंदी की तरफ जाने के लिए बड़ी संख्या में साइफन लगाए गए है,सूचना मिल रही थी कि साइफन बंद हो चुके है तथा केवल ८ साइफन से ही पानी प्रवाहित हो रहा है,जिस पर तारबंदी के पास जाकर निरीक्षण किया गया तो मौके पर सभी साइफन में से क्षमता के अनुसार पानी प्रवाहित हो रहा था,अगर पानी की मात्रा बढ़ी तो भी पानी प्रवाहित हो सकेगा। उन्होंनें किसानों से आग्रह किया कि तटबंध को मजबूत करते रहें। ङ्क्षसचाई विभाग के एक्सइन ने बताया कि पीछे से पानी की मात्रा लगातार कम होती जा रही है,हालांकि क्षेत्र में पानी बना रहेगा,लेकिन जैसे जैसे पानी की मात्रा कम होगी वैसे वैसे पानी का दबाव भी कम हो जाएगा। इसके अलावा आबादी क्षेत्र के पास भी बंधों का निरीक्षण किया गया है, गांवों के डूबने की जो आशंकाएं जताई जा रही है वो सही नहीं है। स्थिति पूर्णतया काबू में है,लेकिन फिर भी उनकी टीम एवं किसान बंधें टूटने की आशंका में निगरानी रखे हुए हैं। भारतीय किसान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष चंदी ने बताया कि जिन किसानों की फसलें पानी में डूबी है,उनकी भरपाई संभव नहीं है लेकिन.घग्घर के पानी के बाद अगली फसल में दोगुणा उत्पादन होने की पूरी संभावनाएं रहती है। घग्घर आने से पूरे क्षेत्र को लाभ हुआ है,लोगों की जमीनें रिचार्ज हो रही है।