
विधानसभा चुनाव को लेकर समीक्षा करते कुम्हार समाज के लोग
#assembly elections 2023 विधानसभा चुनाव में टिकट के लिए अब समाज आगे आने लगे हैं। अरोड़वंश समाज के पहल करने के बाद जाट समाज ने सादुलशहर और सूरतगढ़ सीट को जाट बहुल बताते हुए कांग्रेस से इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों से टिकट का दावा ठोका है। कांग्रेस ने इन दोनों सीटों पर मूल ओबीसी के उम्मीदवार तय किए हैं। सर्व कुम्हार समाज ने स्वयं को भाजपा का परम्परागत वोटर बताते हुए श्रीगंगानगर जिले की सामान्य सीटों में से किसी एक सीट मूल ओबीसी में विशेषकर प्रजापत कुम्हार समाज के लिए टिकट की दावेदारी जताते हुए भाजपा की टिकट दिए जाने की मांग की है। सादुलशहर और सूरतगढ़ विधानसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने दूसरी जातियों को भी मौका दिया है। इस बार कांग्रेस ने मूल ओबीसी के डूंगरराम गेदर को उम्मीदवार बनाया है तो जाट समाज खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। वर्ष 2008 में अस्तित्व में आई सादुलशहर विधानसभा सीट से कांग्रेस ने एक बार जाट समाज को मौका दिया। उसके बाद 2013 व 2018 के चुनाव में पार्टी ने मूल ओबीसी को मौका दिया। भाजपा ने इस सीट पर पूर्व मंत्री गुरजंटसिंह बराड़ के परिवार को ही अहमियत दी है, जबकि भाजपा की टिकट के दावेदार कई जाट नेता भी हैं जो लगातार इस विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय राजनीति कर रहे हैं।
इधर, सूरतगढ़ विधानसभा सीट से मील परिवार के अलावा कई और कांग्रेसी टिकट की दावेदारी जता रहे थे। आलाकमान ने उनकी दावेदारी को खारिज कर बसपा से आए डूंगरराम गेदर को उम्मीदवार बनाया है। गेदर ने पिछला चुनाव बसपा की टिकट पर लड़ा था और उन्हीं की बदौलत कांग्रेस के हनुमान मील तीसरे स्थान पर रहे। भाजपा इस सीट पर किसी जाट नेता को ही टिकट देगी। कांग्रेस और भाजपा के अलावा जेजेपी ने मील परिवार से पूर्व जिला प्रमुख पृथ्वीमील को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। बसपा की टिकट से भादू परिवार के महेन्द्र मील के चुनाव लड़ने की चर्चा है। अब अगर भाजपा, जेजेपी और बसपा से जाट नेता चुनाव लड़ेंगे तो जाट वोटों का बंटवारा होगा और इसका फायदा मूल ओबीसी से कांग्रेस के उम्मीदवार डूंगरराम गेदर को मिल जाएगा।
इस बीच सादुलशहर सीट से इस बार भी जगदीश चंद्र जांगिड़ को कांग्रस की टिकट मिलने से जाट समाज की श्रीगंगानगर जिले में जाट बहुल दोनों सीटों पर कांग्रेस की टिकट की दावेदारी खारिज हुई है। सादुलशहर सीट से कांग्रेस की टिकट की दावेदारी जताने वालों में पूर्व विधायक संतोष कुमार सहारण सहित कई जाट नेता शामिल थे। कांग्रेस की टिकट के एक अन्य दावेदार ओम बिश्नोई टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय ताल ठोकने को तैयार हैं। पिछली बार निर्दलीय होकर भी 36 हजार वोट लेने वाले बिश्नोई भाजपा उम्मीदवार गुरवीर सिंह बराड़ की हार का कारण बने थे। सादुलशहर और सूरतगढ़ सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी घोषित होने के बाद जाट समाज ने कांग्रेस आलाकमान को दोनों सीटों के बारे में पुनर्विचार करने का कहा है। पार्टी ने इस मांग पर गौर नहीं किया तो समाज भाजपा का सहयोग करेगा, बशर्ते कि दोनों सीटों पर पार्टी जाट उम्मीदवारों की घोषणा करे।
उधर, जाट समाज के विपरीत सर्व कुम्हार समाज ने इस बार मूल ओबीसी का नारा बुलंद किया है।
समाज श्रीगंगानगर जिले की सामान्य सीटों में से किसी एक पर मूल ओबीसी विशेषकर प्रजापत कुम्हार के लिए टिकट की मांग कर रहा है। कुम्हार समाज की ओर से प्रहलाद राय टाक गंगानगर विधानसभा सीट से भाजपा की टिकट की दावेदारी जता रहे थे। लेकिन पार्टी यह टिकट जयदीप बिहाणी को दे चुकी है।टाक पिछले चुनाव में भी टिकट के दावेदार थे। टिकट नहीं मिला तो वह बसपा के हाथी पर सवार हो गए, लेकिन पार नहीं पड़ी। सर्व कुम्हार समाज ने स्वयं को भाजपा का परंपरागत वोटर बताते हुए टिकट की मांग की है। टिकट में अनदेखी पर सर्व कुम्हार समाज ने वोटरों का पलायन कांग्रेस की तरफ होने की बात कही है।
Published on:
27 Oct 2023 06:21 pm
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