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चुनाव आचार संहिता से ठीक पहले…कॉलेज सरकारीकरण पर आखिर लगी मुहर!

श्रीकरणपुर के ज्ञान ज्योति कॉलेज का मामला, सीएम ने पूरक बजट में की थी सरकारीकरण की घोषणा, विद्यार्थियों को इसी सत्र में मिलेगी राहत

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चुनाव आचार संहिता से ठीक पहले...कॉलेज सरकारीकरण पर आखिर लगी मुहर!

चुनाव आचार संहिता से ठीक पहले...कॉलेज सरकारीकरण पर आखिर लगी मुहर!

ग्राउंड रिपोर्ट: प्रवीण राजपाल

श्रीकरणपुर. आगामी विधानसभा चुनाव के ठीक पहले ज्ञान ज्योति कॉलेज सरकारीकरण पर आखिर मुहर लगा दी गई। बताया जा रहा है कि अगले माह अक्टूबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित चुनाव आचार संहिता लगाने से पहले यहां सरकारी प्रणाली अंतर्गत विधिवत रूप से कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

कॉलेज के प्रशासक व एसडीएम सुभाषचंद्र चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा की अनुपालना में यहां के ज्ञान ज्योति कॉलेज को राजकीय महाविद्यालय में रूपातंरित करने के लिए अहम प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। एसडीएम ने बताया कि उच्चा शिक्षा विभाग के शासन उपसचिव बूजमोहन नोगिया की ओर से 21 सितंबर को जारी पत्र के मुताबिक कॉलेज की समस्त चल व अचल संपत्तियां राज्य सरकार को हस्तातंरित करने की शर्त पर इसे (कॉलेज को) पूर्ण दायित्वों सहित राजकीय महाविद्यालय में परिवर्तित करने की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। साथ ही आयुक्तालय को नियमानुसार आवश्यक अन्य औपचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। एसडीएम ने संभावना जताई कि यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को सरकारीकरण प्रक्रिया का लाभ आचार संहिता से पहले ही मिलना शुरू होगा। उन्होंने बताया कि शहीद भगतसिंह महाविद्यालय रायसिंहनगर, मीरा कन्या महाविद्यालय संगरिया व ग्रामीण कन्या महाविद्यालय भादरा के सरकारीकरण को लेकर भी यही आदेश जारी हुए हैं।

दस साल से अधरझूल में था सरकारीकरण!

आपको बता दें कि ज्ञान ज्योति कॉलेज का सरकारीकरण पिछले दस साल से अधरझूल में था। पहली बार वर्ष 2013 के बाद जुलाई-2019 में सीएम अशोक गहलोत ने खुद इसके सरकारीकरण की घोषणा की लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ी। इसके बाद फरवरी-2023 में पूरक बजट में सीएम गहलोत ने तीसरी बार कॉलेज सरकारीकरण की घोषणा की थी लेकिन पिछली घोषणाओं के हश्र को देखते हुए लोगों ने इसमें ज्यादा रूचि नहीं ली। बताया गया कि यहां कॉलेज में प्रबंधन कमेटी की बजाय एसडीएम प्रशासक नियुक्त होने की वजह से इसके पूर्व कार्मिकों की करीब सात करोड़ रुपए की देनदारी चुकाने में अड़चन पैदा हुई लेकिन अब सरकार ने तमाम बाधाओं को हटाकर कॉलेज सरकारीकरण की घोषणा को सिरे चढ़ा दिया है।

पत्रिका के सतत प्रयास लाए रंग...

गौरतलब है कि ज्ञान ज्योति कॉलेज सरकारीकरण व हाई स्कूल में कमरे उधार लेकर चल रहे सरकारी कॉलेज का भवन निर्माण नहीं होने से विद्यार्थियों को हो रही परेशानी के मद्देनजर पत्रिका ने कई बार प्रमुखता से मुद्दा उठाया। हाल ही में 22 अगस्त को सीएम तीन बार कर चुके कॉलेज सरकारीकरण की घोषणा...लेकिन नतीजा शून्य, 17 फरवरी 2023 को ज्ञान ज्योति कॉलेज तीसरी बार सरकारी: खुशी कम, आशंका भारी तथा इससे पहले 20 जनवरी 2023 को भी पत्रिका ने सियासत का खेल: सरकारी कॉलेज चल रहा स्कूल मेें और सरकारीकरण फेल शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मुद्दे को उजागर किया। इसके अलावा भी पत्रिका ने कई बार इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया।

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