8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कालबेलिया व घूमर नृत्य–चित्तौड़ में गूंजी पायल के घूमर के फ्यूजन की धूम

प्रदेश के 33 जिलों की कुल 99 प्रतिभागियों ने भाग लिया

2 min read
Google source verification
कालबेलिया व घूमर नृत्य--चित्तौड़ में गूंजी पायल के घूमर के फ्यूजन की धूम

कालबेलिया व घूमर नृत्य--चित्तौड़ में गूंजी पायल के घूमर के फ्यूजन की धूम

कालबेलिया व घूमर नृत्य--चित्तौड़ में गूंजी पायल के घूमर के फ्यूजन की धूम

श्रीगंगानगर.संगीत और नृत्य मनुष्य के जीवन में उमंग और आनंद की तरंगें पैदा करते हैं। इसी के मध्येनजर प्रदेश का शिक्षा विभाग बच्चों की शिक्षा के लिए विद्यार्थियों और शिक्षकों में रोमांच,आनंद और शिक्षण अधिगम के लिए लगातार नवाचार कर रहा है। इस कड़ी में राज्य स्तर पर पहली बार रंगोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी मेजबानी प्रदेश स्तर पर चित्तौडगढ़़ जिले में की गई। इस कार्यक्रम में गंगानगर जिले से प्रथम रही शिक्षिका पायल शर्मा ने अपने जोरदार नृत्य प्रदर्शन से जिले का दावा पेश किया है। उल्लेखनीय है कि 22 मार्च को चित्तौडगढ़़ जिले में हुए राज्य स्तरीय रंगोत्सव कार्यक्रम में पायल ने जिले का नेतृत्व किया। इस कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति के दौरान शिक्षिका शर्मा ने कालबेलिया और घूमर का फ्यूजन नृत्य पेश किया। इंदिरा प्रियदर्शनी ऑडिटोरियम में हुए इस कार्यक्रम में सभागार को तालियों की गडगड़़ाहट से गूंजायमान कर कर दिया। इस अवसर पर चित्तौडगढ़़ शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय अधिकारी व विभिन्न राज्यों से आए हुए प्रतिभागी शिक्षक उपस्थित थे।

-33 जिलों से 99 प्रतिभागी हुए शामिल
राज्य स्तर पर पहली बार आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के 33 जिलों की कुल 99 प्रतिभागियों ने भाग लिया इस कार्यक्रम में तीन तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें पारंपरिक लोकगीत, लोकनृत्य व शास्त्रीय संगीत से जुड़ीं विभिन्न प्रस्तुतियों को शामिल किया गया था।

शक्ति और भक्ति की धरती चित्तौड़ में विभाग के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भागीदारी कर जिले का प्रतिनिधत्व करना मेरे लिए गौरव का पल रहा है। इसका सारा श्रेय प्रधानाचार्या, शाला स्टाफ और परिवार के सहयोग और प्रोत्साहन का रहा है।"

-पायल शर्मा,व.अ.(विज्ञान) राउमावि-3ओ,श्रीकरनपुर
-बच्चों में होगा सृजनात्मकता का विकास

राज्य स्तरीय रंगोत्सव कार्यक्रम ने शिक्षा विभाग व भारतीय संस्कृति को जोड़ा है और इस नवाचार के जरिए विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाओं की प्रतिभाओं को भी समाज के सामने लाया जा रहा है। इस प्रकार के आयोजनो से बच्चों और शिक्षकों में पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी रुचि जागृत होगी। इसका लाभ बच्चों के सर्वांगीण विकास में मिलेगा।
हंसराज यादव,सीडीइओ,शिक्षा विभाग,श्रीगंगानगर।