श्रीगंगानगर। राजस्थान में विधानसभा चुनाव का शंखनाद करने रविवार को श्रीगंगानगर आए आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रदेश की गहलोत सरकार को जमकर घेरा। केजरीवाल ने कहा कि राजस्थान में तो नौकरी भी पैसे देने पर मिलती है। पांच साल के दौरान 14 पेपर लीक हुए। इनमें पेपर बेचे गए। यदि पार्टी, मुख्यमंत्री और मंत्री ईमानदार हो तो अफसरों की मजाल नहीं की पैसे ले सकें। उन्होंने जनता से कहा कि जब भाजपा व कांग्रेस के नेता वोट मांगने आए तो पूछना कि 75 साल में क्या किया। इससे पहले हेलीपेड से दिल्ली व पंजाब सीएम का काफिला सड़क पर आया तो भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा।
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इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रदेश की नहरों में आ रहे दूषित पानी के मुद्दे पर कहा कि पंजाब सरकार ने इस पर काम शुरू कर दिया है। पानी को दूषित करने वाले बुड्ढा नाला पर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए 600 करोड़ रुपए की योजना स्वीकृत की है। छह महीने में साफ पानी मिलने लगेगा। मई में ली गई नहरबंदी के मुद्दे पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार को घेरते हुए मान ने कहा कि प्रदेश के किसानों को पानी से वंचित रखने के लिए जानबूझकर बंदी ली। जबकि पंजाब सरकार ने आगे किसानों को अक्टूबर में पानी की जरूरत नहीं होने पर लेने का आग्रह किया था।
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दिल्ली मुख्यमंत्री केजरीवाल ने प्रदेश में मुफ्त की योजनाओं का दाव नहीं चला। राजस्थान में पहले से मुफ्त बिजली और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की कमियों को गिनाने पर जोर रखा। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस को घेरा। प्रदेश के कर्ज में डूबे होने का आंकड़ा रखते हुए इसके लिए पचास साल कांग्रेस और 18 साल भाजपा के रहे शासन को जिम्मेदार ठहराया।
श्रीगंगानगर में आप की पहली सभा होने से सबकी नजरें जुटने वाली भीड़ और पार्टी चुनाव के लिए कौनसी लाइन पकड़ती है, इस पर टिकी रही। मैदान में भीड़ तो ठीकठाक जुट गई, लेकिन ज्यादातर चेहरे स्थानीय की जगह अंजान ही दिखे। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आप के पदाधिकारी जरूर पहुंचे।
बड़ी तादाद पड़ोसी राज्य पंजाब से आए लोगों की रही। राजनीति से जुड़े लोगों का मानना है कि पार्टी के चुनाव प्रचार के बड़े आगाज के लिहाज से सफल रही, लेकिन झाडू स्थानीय की जगह बाहर की ही चली।