
श्रीगंगानगर.
शहर में स्थित एक चूड़ा फैक्ट्री से मुक्त कराए गए बिहार के 23 बच्चों को वहां किए गए काम और ओवरटाइम का भुगतान श्रम विभाग दिलाएगा। सोमवार को एसडीएम ने विवेक आश्रम में बच्चों से जानकारी ली है। वहीं पुलिस प्रशासन की सूचना पर बच्चों के 21 परिजन मंगलवार को बिहार से श्रीगंगानगर पहुंच गए।
एसडीएम यशपाल आहूजा ने बताया कि पिछले दिनों मानव तस्करी विरोधी यूनिट, बाल कल्याण समिति और चाइल्ड लाइन की ओर से शहर के मकान से चूड़ा बनाते हुए बालश्रम से मुक्त कराए गए 23 बच्चों को विवेक आश्रम में रखा हुआ है। जहां सोमवार को वे पहुंचे और बच्चों से जानकारी ली गई। जिसमें उन्हें किस तरह बंधक बनाकर वहां रखा जाता था और कितने घंटे काम कराया जाता था, उसकी जानकारी जुटाई गई है।
आश्रम में उन्हें किस तरह रखा जा रहा है और उचित प्रबंध है या नहीं है। बच्चों को बंधक बनाकर तो नहीं लाया गया था लेकिन ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है। बच्चों को उनके घर कैसे पहुंचाया जा सकता है, इस संबंध में उनसे जानकारी जुटाई गई है।
आरोपित का सभी थानों से रिकॉर्ड मंगवाया
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता लक्ष्मीकांत सैनी ने बताया कि सोमवार को चूड़ा फैक्ट्री में बच्चों से बालश्रम कराने के मामले में गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद मुजाहिर के वकील की ओर से विशेष न्यायालय (अजा-जजा अत्याचार निवारण प्रकरण) में जमानत की अर्जी दाखिल की थी। इस पर न्यायालय की ओर से पुलिस को आरोपित का रिकॉर्ड लाने के आदेश दिए हैं।
ओवरटाइम व न्यूनतम वेतन दिलाएगा विभाग
चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक त्रिलोक वर्मा ने बताया कि श्रम विभाग इन बच्चों को न्यूनतम मजदूरी और डबल ओवरटाइम दिलाएगा। इसके लिए कार्रवाई की जा रही है। न्यूनतम मजदूरी 213 रुपए है और यदि ओवर टाइम कराया गया है तो उन्हें 426 की दर से रुपए मिलेंगे।
फैक्ट्री मालिक की तलाश जारी
मानव तस्करी विरोधी यूनिट चूड़ा फैक्ट्री के मालिक की तलाश कर रही है। इस संबंध में पुलिस संभावित ठिकानों के बारे में पता लगा रही है। जल्द ही आरोपित की तलाश में संभावित स्थानों पर पुलिस जाब्ता रवाना किया जाएगा।
Published on:
09 May 2018 08:34 am
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