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श्रीगंगानगर की कृतिका सोनी ने बनाया इंडिया बुक और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड

Krutika Soni created India Book and Asia Book of Records- 191 बार बिना रूके 14 मिनट 52 सैकेंड तक बोली कृतिका.

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श्रीगंगानगर की कृतिका सोनी ने बनाया इंडिया बुक और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड

श्रीगंगानगर की कृतिका सोनी ने बनाया इंडिया बुक और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड

श्रीगंगानगर। हर व्यक्ति में कोई ना कोई टैलेंट छिपा होता है पर अपने अंदर छिपे इस टैलेंट को निकालने के लिए थोड़ी मेहनत तो करनी ही होती है।

कुछ ऐसा ही कर दिखाया एसएसबी रोड के पास बालाजी इस्टेट कॉलोनी की कृतिका सोनी ने। अपने मैं प्रतिभा होने की बात सोचना तो दूर कभी पहचानने की कोशिश भी न करने वाली कृतिका ने मोबाइल पर जब एक लड़की को रिकार्ड बनाते देखा तो उसे लगा कि वह भी ऐसा कर सकती है। फिर क्या था इसी लड़की की थीम पर एक, दो, तीन यानि कुल छह अभ्यासों की मेहनत के बाद कृतिका ने वो कर दिखाया कि सब उस पर नाज करने लगे।

कृतिका पत्नी नीरज सोनी इन्सां ने इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस के लिए आन लाइन रजिस्ट्रेशन करने के बाद 16 जुलाई को जब हिन्दी टंग ट्वीस्टर रिपेटड मैक्सीमम नम्बर ऑफ टाईम्स के तहत बिना रूके 14 मिनट 52 सैकेंड तक 'मर हम भी गए, मरहम के लिए, मरहम ना मिला हम दम से गए, हमदम के लिए शब्दों का 191 बार रिपिट किया तो इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस ने अपने रिकार्डस में शामिल किया बल्कि एशिया बुक ऑफ रिकाडज़्स में नोमिनेट करते हुए एशिया बुक ऑफ रिकाडज़्स व गोल्ड मैडल से सम्मानित किया।

कृतिका ने बताया कि देखने में आसान लगने वाले ये शब्द जब बोलने लगते है तो क्रमानुसार बोल पाना संभव नहीं हो पाता। जब पूरी एकाग्रता के साथ इसका उच्चारण किया तो यह आसान लगने लगा।

कृतिका का कहना है कि एकाग्रता के साथ शब्दों का चयन भी जरूरी होता है अगर शब्दों का उच्चारण सही नहीं होगा तो अटकने लगेंगे।

एमएससी कम्प्यूटर से स्नातकोत्तर शिक्षित कृतिका ने बताया कि जब वह अभ्यास करने लगी तो यह उसे कठिन लगा वह एक मिनट भी लगातार नहीं बोल पा रही थी। लेकिन उसने ध्यान को अपना गुरु बनाया।

बच्चों को संदेश देते हुए इस महिला का कहना था कि जब भी आप पढ़ाई करने बैठते हैं तो जो विषय पढ़ रहे हो उस विषय पेज की एक ईमेज अपने माइंड में बना ले जिसके बाद आपको याद करना भी आसान होगा और आप उसे भूलेंगे भी नहीं।

वचन को स्मरण होते ही तो उसने इन शब्दों की ईमेज बना दोहराना शुरू कर दिया और कुल छह अभ्यासों के बाद ही यह सफलता मिल गई।

कृतिका के पति नीरज इन्सां ने बताया कि वे बेहद खुश है। मैं लगातार इसे मोटिवेट व स्पोट करता रहा कि वह इसे कर सकती है। कृतिका ने रिकार्ड बना कर दिखाया तो मेरी खुशी की कोई सीमा नहीं है।

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