श्रीगंगानगर. पदमपुर के अधिवक्ता से हुई मारपीट के मामले में दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होने से खफा हुए वकील समुदाय सड़कों पर उतर आया। जिले के अधिवक्ताओं ने जिला मुख्यालय पर गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान एक महिला अधिवक्ता से पुलिस कर्मी ने झड़प करते हुए थप्पड़ भी जड़ दिया। वहीं एक साथ वकीलों ने धक्का मुक्की करते हुए एसपी ऑफिस के आगे बैरीकेटस को हटा दिया। एसपी ऑफिस के अंदर घुसने के प्रयास के लिए खूब जोर अजमाइश भी की गई। लेकिन पुलिस ने कड़ा पहरा लगाकर अधिवक्ताओं को एंट्री नहीं दी। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और अधिवक्ताओ के बीच नोंक झोंक भी हुई। एक बारगी मामला बिगड़ने लगा तो दोनों पक्षों में टकराव की नौबत आ गई। लेकिन पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह यह मामला नियंत्रित किया। इस बीच, अधिवक्ताओं का कहना था कि वे पाकिस्तानी या सट्टे के खाइवाल नहीं है कि उनको एसपी से मिलने के लिए रोका जा सके। लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना था कि सिर्फ पांच अधिवक्ताअेां का शिष्टमंडल एंट्री पाएगा। बार संघ के अध्यक्ष सीताराम बिश्नोई ने सभी अधिवक्ताओं के साथ पुलिस अधीक्षक से मिलने की जिद्द की। पार नहीं पड़ने पर अधिवक्ताओं ने गेट पर ही पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना दे दिया।
आखिरकार एसपी देशमुख परिश अनिल ने बार संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन को पढ़कर दोषी लोगों की गिरफ्तारी करने का आश्वासन दिया। इस पर बार संघ का कहना था कि सोमवार से पहले पदमपुर प्रकरण में नामजद 11 आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो वे फिर से एसपी ऑफिस का घेराव करने के लिए आएंगे। वहीं जिला कलक्टर सौरभ स्वामी को भी ज्ञापन देकर पूरे घटनाक्रम में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इधर, पदमपुर के मामले में वकीलों ने अदालती कामकाज ठप रखा। इससे कोर्ट कैम्पस और कलक्ट्रेट तक सन्नाटा पसरा रहा।
इस प्रदर्शन से पहले अधिवक्ताओ ने एसपी ऑफिस के बाहर सड़क जाम कर धरना लगा दिया। इस धरना स्थल पर हुई सभा में बार संघ के पूर्व अध्यक्ष चरणदास कम्बोज का कहना था कि भ्रष्टाचार पूरे सिस्टम को निगल गया है। आए दिन अधिवक्ताओं पर हमला हो रहे है, पुलिस अपराधियों की सरंक्षक बनी हुई है। जनप्रतिनिधि और पुलिस का गठजोड़ इलाके के सौहार्द को बिगाड़ने का काम कर रहा है। इस दौरान अधिवक्ता ओम रावल, बार काउसिंल ऑफ राजस्थान के सदस्य नवरंग चौधरी, पदमपुर के अधिवक्ता दिलबाग सिंह, महावीर, प्रवीण आहलुवालिया, जसवीर सिंह मिशन, रामस्वरूप मांझू, पूर्व सचिव जिन्दपाल सिंह भाटिया जौली, राजेश ग्रेवाल, संजीव सैनी, आदि ने विचार व्यक्त किए। वहीं एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल पेश कर लागू करने का प्रस्ताव भी सरकार को भिजवाने का निर्णय किया गया। इसके साथयह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद अदालत में कोई भी अधिवक्ता पैरवी नहीं करेगा। इधर, बार संघ के समर्थन में अराजनवीस और स्टाम्प विक्रेता भी बार संघ के समर्थन में सुबह से लेकर शाम तक काम नहीं किया।
वकीलों के प्रदर्शन को लेकर मुख्य डाकघर से गंगासिंह चौक तक रोड बंद रही। इस कारण यातायात पुलिस ने श्रीकरणपुर और हिन्दुमलकोट रोड से आने वाले वाहनों को इस रोड पर नहीं आने दिया। वहीं गंगासिंह चौक से इस रूट पर आने वाले वाहनों को केन्द्रीय जेल के पास रोड से जाने की अनुमति दी गई। इस कारण लोग परेशान हुए।
बार संघ ने श्रीकरणपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेन्द्रपाल सिंह के खुदकुशी मामले में आरोपी तहसीलदार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को वर्क सस्पैंड रखने की घोषणा की है। बार संघ सचिव नरेश गाबा ने बताया कि अधिवक्ता सुरेन्द्रपाल सिंह के सुसाइड नोट में तहसीलदार से तंग आकर आत्महत्या का कदम उठाया, इस संबंध में केसरीसिंहपुर थाने में मामला दर्ज हो चुका है।