
रिश्वत मांगने के एलडीसी को दो साल कठोर कारावास
श्रीगंगानगर।
छह साल पहले अनूपगढ़ ब्लॉक शिक्षा प्रारभिंक अधिकारी कार्यालय के एक बाबू ने विद्यार्थी मित्र से बकाया वेतन के भुगतान के एवज में ढाई हजार रुपए की रिश्वत मांगने के जुर्म में अदालत ने दोषी मानते हुए दो साल कठोर कारावास व दस हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। भ्रष्टाचार निवारण मामलों की स्पेशल कोर्ट ने यह निर्णय बुधवार शाम पांच बजे सुनाया है। इस मामले में तथ्यों के अनुसार अनूपगढ़ क्षेत्र चक 6 केएसडी निवासी भादरराम नायक पुत्र राम नायक ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की श्रीगंगानगर चौकी में आकर 10 फरवरी 2011 को शिकायत की थी।
इसमें बताया कि वह गांव 1 केएसडी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में विद्यार्थी मित्र के रूप में जुलाई 2008 में काम करता था। लेकिन वर्ष 2009 में उसे हटा दिया गया। इसके खिलाफ वह जोधपुर हाईकोर्ट में रिट दायर कर वापस डयूटी ज्वाईन कर ली। ऐसे में उसके वेतन अक्टूबर 2010 से जनवरी 2011 तक का बकाया भुगतान के लिए उसने जब अनूपगढ़ बीईईओ ऑफिस में कनिष्ठ लिपिक और पुरानी आबादी वार्ड सात श्रीगंगानगर निवासी पिशोरीलाल पुत्र मूलाराम से संपर्क किया तो उसने पांच हजार रुपए रिश्वत की मांग की। रिश्वत की राशि नहीं देने पर उसे भुगतान नहीं होने की बात कही।
ऐसे में ब्यूरो टीम ने इस परिवादी और आरोपित के बीच वार्ता की टेप रिकॉर्डिग कराई। ब्यूरो टीम के अदृश्य रंग लगे ढाई हजार रुपए लेकर परिवादी भादरराम अनूपढ़ के कनाट पैलस के पास पहुंचा तो वहां आरोपित एलडीसी पिशोरीलाल मिला। इन दोनों के बीच बातचीत हुई लेकिन रिश्वत की राशि को पिशोरीलाल ने स्वीकार नहीं किया। काफी जह घूमाने के बाद एलडीसी पिशोरीलाल बीईईओ ऑफिस में चला गया। ब्यूरो टीम ने रिश्वत की मांग करने के आरोप में आरोपित एलडीसी पिशोरीलाल के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया। अदालत ने आरेापित पिशोरीलाल को रिश्वत मांगने का दोषी मानते हुए दो साल कठोर कारावास व दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
Published on:
27 Oct 2017 08:51 am
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