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गरिमा पेटियों पर चार साल से ताले

-बेटियां शिकायत कर सकें, इसलिए लगाई गई थीं पेटियां

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dignity peaty

श्रीगंगानगर.

एक तरफ तो बेटियों की सुरक्षा एवं छेड़छाड़ आदि की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस की ओर से शहर में महिला पुलिसकर्मियों का शक्ति दल बनाया गया है और दूसरी तरह स्कूल-कॉलेजों में बेटियों की शिकायतों के लिए लगाई गरिमा पेटियों के ताले चार साल से खुल ही नहीं पाए हैं। इन पर लगे तालों में जंग लग गया है तो कइयों के तो ताले ही गायब हैं। विदेशी तर्ज पर बनाए गए शक्ति दल की उपलब्धियां तो भविष्य के गर्भ में हैं, लेकिन गरिमा की ऐसी बेकद्री देखकर बेटियों की सुरक्षा के प्रति पुलिस प्रशासन की गंभीरता का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

पुलिस तो पेटिकाएं टांग कर भूल गई, लेकिन स्कूल-कॉलेज प्रशासन ने भी कभी इन पेटिकाओं को नहीं संभाला। लिहाजा खस्ताहल में पहुंच चुकी ये पेटिकाएं अब महज टिन का डिब्बा बनकर रह गई हैं। बेटियों की छेड़छाड़ व प्रताडऩा से सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग की ओर से प्रदेश भर में चलाए गए गरिमा अभियान के दौरान गल्र्स स्कूल व कॉलेजों में करीब चार पहले गरिमा पेटियां लगाई थीं। जिसमें बेटियां अपनी कोई भी शिकायत इन पेटियों में डाल सकें और संबंधित थाने के पुलिसकर्मी इनकी शिकायतों को अधिकारियों को पहुंचा सकें। कुछ दिन तो यह क्रम चलता रहा। इसके बाद पुलिस इन पेटियों व गरिमा अभियान को ही भूल गई। सालों से यह पेटियां यहां लगी हुई है। जिन्हें कोई संभाल नहीं रहा है।


न पुलिस और न स्टाफ ने खोला
काफी समय से स्कूल परिसर में लगी गरिमा पेटी को किसी को खोलते हुए नहीं देखा है और ना ही किसी स्टाफ ने देखा है। यह पेटी काफी समय से खुली ही नहीं है।
- प्रेम प्रभा, कार्यवाहक प्राचार्य, राबाउमा विद्यालय, मटका चौक, श्रीगंगानगर


शिकायत आई या नहीं, पता नहीं
मैंने कभी किसी पुलिसकर्मी को यहां गरिमा पेटी को संभालते हुए नहीं देखा है। पेटी में कोई शिकायत आई या नहीं इसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिली है।
- प्रदीप मोदी, कार्यवाहक प्राचार्य, बल्लूराम गोदारा गल्र्स कॉलेज, श्रीगंगानगर


कोई पुलिसकर्मी नहीं आता
स्कूल में कोई पुलिस कर्मी गरिमा पेटी को देखने नहीं आता। कई साल से पेटी यहां लगी हुई है लेकिन किसी ने खोला या नहीं इसका पता
नहीं है।
- पवन सेतिया, प्रधानाचार्य, राबाउमा विद्यालय नंबर दो, श्रीगंगानगर


कोई शिकायत नहीं मिली
मैंने इस तरह के मामलों के लिए कमेटी बना रखी है। शिकायत पर जांच करते हैं। यहां लगी गरिमा पेटी में कोई शिकायत नहीं मिली है।
संतोष झाम्ब, प्रधानाचार्य, अनुपम धींगड़ा राबाउमा विद्यालय नंबर चार, श्रीगंगानगर

प्रत्येक सप्ताह जाते हैं पुलिसकर्मी
पेटियां काफी पहले लगी थी। जिनकी शिकायतें स्कूल, कॉलेज वाले ही सुनते हैं। वहां कमेटियां बनी हुई हैं। पुलिस कर्मी हफ्ते में जाते हैं। यदि किसी बेटी को कोई दिक्कत आती है तो तत्काल एक्शन लिया जाता है।
-तुलसीदास पुरोहित, सीओ सिटी, श्रीगंगानगर।