रामसिंहपुर (श्रीगंगानगर). सूरतगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोविन्दसर के ग्राम सेवा सहकारी समिति के गोदाम में 13 वर्षों से सड़ रहे सैंकड़ों क्विंटल गेहूं का निरीक्षण करने शुक्रवार को सूरतगढ़ से रसद विभाग की टीम पहुंची। टीम ने गोदाम में गेहंू का निरीक्षण कर पूर्व व्यवस्थापक, मौजूदा व्यवस्थापक तथा सहकारी समिति अध्यक्ष के बयान दर्ज किए। जानकारी के अनुसार गोविन्दसर की ग्राम सेवा सहकारी समिति में नवनिर्वाचित अध्यक्ष देवाराम ने एक माह पहले पदभार ग्रहण किया था। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष को सोसाइटी में बने दो गोदामों में से एक ताला लगा मिला। जिसकी चाबी पुराने व्यवस्थापक जैमलराम के पास थी। बाद में मामला गरमाने पर पुराने व्यवस्थापक ने गोदाम खोल दिया। जिसमे सैंकड़ो क्विंटल अनाज सड़ रहा था। इस संबंध में रसद विभाग श्रीगंगानगर व एसडीएम सूरतगढ़ को शिकायत देकर गेहूं की जांच करवाने की मांग की गई। जिसके बाद शुक्रवार को रसद विभाग के प्रवर्तन निरीक्षक पूरणराम पहुंचे और गोदाम में गेहूं की जांच की। उन्होंने पूर्व व्यवस्थापक तथा नए व्यवस्थापक इन्द्राज सहारण सहित अध्यक्ष देवाराम ढबास के अलग अलग बयान लिए।
ग्रामीण बोले, जांच टीम ने नहीं गिने पूरे कट्टे
गेहूं की जांच करने पहुंची टीम से ग्रामीण असंतुष्ट नजर आए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जांच टीम ने गोदाम में पूरे कट्टों की गिनती नहीं की। वहीं ग्रामीणों आक्षेप भी टीम ने नहीं सुने। ग्रामीणों ने कहा कि सैंकड़ों क्विंटल गेहूं 13 वर्षों तक बंइ गोदाम में सड़ता रहा। यदि गेहूं पूर्व व्यवस्थापक ने खरीदा था तो आज तक बेचा क्यों नहीं। गेहूं के बैगों पर भारतीय खाद्य निगम की मोहर और मशीनों से सिलाई है। जिससे स्पष्ट है कि यह गेहूं सरकारी है और बड़ा मामला प्रतीत होता है। ग्रामीणों ने विभाग से मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इस दौरान अनिल मेघवाल, लक्ष्मण सांसी, चुन्नीलाल मेघवाल, जयप्रकाश, मनीराम, हेतराम बेनीवाल आदि मौजूद रहे। वहीं प्रवर्तन निरीक्षक ने बताया कि गोदाम में पड़ी गेहूं का निरीक्षण कर पूर्व व नये व्यवस्थापक तथा अध्यक्ष के अलग अलग बयान दर्ज किए हैं। इसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट डीएसओ को पेश कर दी गई है।