मन बनाएं पौध है तैयार-जिले की 22 नर्सरियों में 13 लाख 57 हजार पौधे तैयार
-जिले में 5.79 प्रतिशत एरिया में ही वन क्षेत्र
पत्रिका एक्सक्लूसिव-श्रीगंगानगर.हरियाली को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग ट्री आउटसाइट फोरेस्टइन राजस्थान स्कीम के तहत पौधरोपण किया जाएगा। यदि आपने अभी तक पौधे लगाने की तैयारी नहीं की है तो बारिश का इंतजार कीजिए और पौधे लगाने का अभी से मन बना लीजिए। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की 19 और तीन अस्थाई सहित 22 नर्सरियों में 13 लाख 57 हजार पौधे तैयार किए गए हैं। जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाऊस,साहूवाला और चुनावढ़ कोठी नर्सरी में विभिन्न वैरायटी के पौधे उपलब्ध है। श्रीगंगानगर जिले में वन क्षेत्र 63344 हैक्टेयर क्षेत्रफल में है। भौगोलिक क्षेत्र 10,93,290 हैक्टेयर है। इस हिसाब से जिले में 5.79 प्रतिशत वन क्षेत्र है। जबकि 562 ब्लॉक में जंगल है। श्रीगंगानगर जिले में पिछले वर्ष वन विभाग ने 1192 हैक्टेयर क्षेत्रफल में पौधारोपण किया था। साथ ही 3 लाख 65 हजार औषधी योजना के तहत तुलसी व अश्व गंधा के पौधे घर-घर तक वितरित किए थे। उल्लेखनीय है कि इस बार राज्य में 80 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल में पौधरोपण का लक्ष्य तय किया गया है। केंद्र की वन नीति के तहत 33 फीसदी क्षेत्र में वन होना अनिवार्य है जबकि राज्य ने इस बार वन एरिया कम कर 20 फीसदी कर दिया है।
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बारिश का इंतजारवन विभाग मानसून सक्रिय होने का इंतजार कर रहा है। इस बार गर्मी अधिक है और बारिश इन दिनों हुई ही नहीं। इस कारण पौधरोपण का अभियान शुरू नहीं हो पाया है।
—–हरियाली को बढ़ावा
विभाग नहर व सडक़ किनारें बालू मिट्टी का जमाव नहीं हो,इसके लिए ज्यादा पौधरोपण करती है। पौधरोपण कर हरियाली को बढ़ावा दिया जा रहा है।—–
यूं बढ़ाया वन एरियावन विभाग ने वर्ष 2021-22 में 500 हैक्टेयर में 3.20 लाख पौधे लगाएं। 2022-23 में 1190 हैक्टेयर में 7 लाख 50 हजार पौधे लगाए। जबकि पिछले पांच वर्ष में 2911.92 हैक्टेयर में 20.47 लाख पौधे लगाए हैं।
इन नर्सरी में तैयार की पौध –वन विभाग ने श्रीगंगानगर जिले की 22 नर्सरी में विभिन्न वैरायटी की पौध तैयार की है। इनमें जिला मुख्यालय पर सर्किट हाऊस,साहूवाला,चूनावढ़ कोठी, सादुलशहर, केसरीसिंहुपर,10 ओ,14 बीएलएडी, जैतसर, बीरधवाल, आइजीएनपी 390 आरडी, 1 ए 10 आरडी, 34 आर आई संगीता, घमूड़वाली, बाजूवाला, 225 आरपीएमजेसी, 57 आरडी, रावला,पांच के, बांडा, तीन एसटीआर, 237 आरडी, देसली की नर्सरी में पौध तैयार की गई हैं।
पौधों की वैरायटी–वन विभाग ने शीशम,नींम,खेजड़ी, बबूल,बैकेन,कांटेदार बैर,टोटलेज की पौध ज्यादा लगाती है। आम व्यक्ति को पौध देने के लिए नर्सरियों
ं में गुलाब,गुलमोहर,अमलतास,नींबू,जामुन,अनार,आंवला,जूही,गुडहल,चायनी,जद्रोपा,रातरानी,चंपा, चमेली,मोगरा, मन्नीरेकटा, मनीप्लांट,नागदून,डेसिना, हरसिंगार, कचनार,केश्यामा,सिबा पोटेंड्रा,घेरूदा,अतार,दुरमटा, लालसा,आइपोमिया व हमेलिया आदि वैरायटी की पौध तैयार की गई है।फैक्ट फाइल
-13 लाख 57 हजार पौध तैयार की नर्सरीज में-5 लाख 50 हजार पौधे नगर निकाय व पंचायती राज विभाग को पौध दी जाएगी
-8 लाख पौधे आम लोगों के लिए उपलब्ध रहेगी-22 नर्सरी है श्रीगंगानगर जिले में जहां पौध तैयार की गई
इस दर पर मिलेगी पौध
पौधों की संख्या प्रति पौधा दर0-10 2 रुपए
10-50 5 रुपए50 से 200 10 रुपए
———————–छह माह आयु 9 रुपए
12 माह आयु 15 रुपएपौध वितरण का समय:सुबह 9 से 5 बजे
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इलाके में मानसून की बारिश शुरू होने पर श्रीगंगानगर जिले में इस पर 13 लाख 57 हजार पौध लगाई जाएगी। एक जुलाई से पौध वितरण का कार्य शुरू किया जाएगा। वन विभाग को इस वर्ष पौधे लगाने का अभी तक लक्ष्य नहीं मिला है। नर्सरी में विभिन्न वैरायटी सहित सजावटी और फूलदार पौधे भी उपलब्ध है।एसके आबुसरिया,उप वन संरक्षक,वन विभाग,श्रीगंगानगर।