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SriGanganagar मनमर्जी ऐसी कि बना डाला सांप सीढ़ी आकृति का नाळा

Mandatory such that he made a snake ladder shaped drain- पानी निकासी का बचकाना प्रयोग: पीडब्ल्यूडी के पास बजट भरपूर फिर भी ठेकेदार पर मेहरबान  

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SriGanganagar मनमर्जी ऐसी कि बना डाला सांप सीढ़ी आकृति का नाळा

SriGanganagar मनमर्जी ऐसी कि बना डाला सांप सीढ़ी आकृति का नाळा

श्रीगंगानगर। इसे सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंताओं का बचकाना प्रयोग कहे या फिर ठेकेदार के कारीगरों की कारीगरी कि पदमपुर रोड पर ओउम नम: शिवाय मंदिर के सामने बस स्टॉप को हटाए बिना वहां नाले का निर्माण सांप सीढी की तरह बना दिया है। सेतिया कॉलोनी और मंदिर से सटे पुरानी आबादी इलाके के कई लोगों को पदमपुर के लिए केन्द्रीय बस स्टैंड की बजाय इसी एरिया में बसों में सफर करने के लिए अस्थायी बस स्टॉप बना दिया। एक कंपनी की ओर से सड़क के कॉर्नर पर बस स्टॉप बना डाला। लोहे के बने इस स्टॉप को बने करीब डेढ़ दशक बीत चुका है। ऐसे में यह बसों के रूकने का स्थल बन चुका है।

पिछले साल शहीद उधमसिंह चौक से जस्सासिंह मार्ग तक पदमपुर रोड का जीर्णोद्धार कराने के लिए पीडब्ल्यूडी को अधिकृत किया गया। मार्च 2021 में करवाए गए सर्वे में पदमपुर रोड पर एक करोड़ 97 लाख रुपए और महाराजा जस्सा सिंह मार्ग पर एक करोड़ 39 लाख रुपए की लागत होने का अनुमान बताया। राज्य सरकार के निर्देश पर इन सड़कों के टेण्डर किए गए और सार्वजनिक निर्माण विभाग ने कार्या आदेश जारी कर दिए। इस संबंध में दोनों निर्माण कार्यो के लिए पीडब्ल्यूडी ने ठेका फर्म बंसल को अधिकृत कर दिया। दोनेां कार्यो पर करीब सवा तीन करोड़ रुपए से अधिक का बजट खर्च करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

लेकिन इस ठेका कंपनी ने पदमपुर रोड पर पानी निकासी के लिए नाले का निर्माण नहीं कराया। जुलाई में आई भारी बरसात से इस रोड को भी नुकसान पहुंचने लगा तो पानी निकासी के लिए नाले निर्माण का मुद्दा हावी हो गया।
पीडब्ल्यूडी अफसरों और ठेके फर्म ने पदमपुर रोड पर नाले निर्माण के लिए उचित स्थान नहीं कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया लेकिन विधायक राजकुमार गौड़ ने इस नाले को बनाने के लिए जिद्द की। आखिरकार यह नाले का निर्माण अब शुरू किया गया। लेकिन ओउम नम्: शिवाय मंदिर तक आते आते यह नाला सांप सीढ़ी की तरह आड़ा तिरछा बना दिया है। पानी निकासी कैसे हो पाएगी, यह देखकर वहां राहगीरों के कदम चंद पलों के लिए रूक जाते है। वहीं पूर्व पार्षद मनीराम स्वामी का कहना था कि पानी निकासी के लिए मौजूदा नाले की गुणवत्ता भी समझ से परे है।