श्रीगंगानगर. ज्वैलरी, आढ़त और रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़े एक ही ग्रुप के दस ठिकानों पर आयकर विभाग के अधिकारियों की अलग अलग टीमों का सर्वे दूसरे दिन भी जारी रहा। शहर के अलग अलग इलाकों में इस ग्रुप के कारोबारी संस्थानों और घरों पर आयकर विभाग की टीमों ने कई दस्तावेज जुटाए है। इन दस्तावेजों को एक ही जगह संग्रहित कर मोटी कमाई का आकलन किया जा रहा है।
आयकर विभाग के आला अफसरों ने संकेत दिए हैं कि ज्यादातर दस्तावेज रियल इस्टेट में काफी रकम निवेश से जुड़े हुए है। ये दस्तावेज टैक्स के दायरे में आते है या नहीं, इसका अध्ययन किया जा रहा है। ज्वैलरी में कई जेवरों के बारे में पूछताछ की जा रही है। आला अफसरों ने अघोषित आय के संकेत दिए हैं लेकिन सर्वे की कार्यवाही पूरी पर चुप्पी साध ली है। इधर, अलग अलग दस ठिकानों पर कार्यवाही की प्रक्रिया रविवार को पूरा होने का दावा किया जा रहा है। इस ग्रुप की नई धानमंडी में एक आढ़त की दुकान, सूरतगढ़ रोड और हनुमानगढ़ रोड पर वेयर हाउस, बाजार एरिया में ज्वैलरी शोरूम, दो प्राइवेट कॉलोनी में पार्टनरशिप होने के अलावा कई जगह भूखंडों की खरीद फरोख्त से हुई कमाई का आकलन किया जा रहा हैं। आयकर विभाग के अपर निदेशक करणीदान सिंह ने बताया कि इस कारोबारी ग्रुप के सर्वे की प्रक्रिया अपर निदेशक अशोक चारण की अगुवाई में साठ अधिकारियों और कर्मियों की टीम कर रही है। इस टीम ने अभी सर्च अभियान पूरा नहीं किया है। रविवार शाम या रात तक पूरा होने की उम्मीद है।
इस जांच टीम ने कारोबारी ग्रुप के दस ठिकानों पर वहां कार्यरत लोगों से पूछताछ दूसरे दिन भी की। हर एंट्री की क्रॉस चैकिंग की जा रही है। आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार कारोबारी भाईयोें के मोबाइल फोन बंद करवा दिए गए है। बेसिक फोन को भी बंद कर दिया है। लेपटॉप जैसी आइटम को जांच में शामिल करते हुए उसे जब्त किया है। इधर, उन प्राइवेट कॉलोनी के भूखंडों की सूची भी तैयार की गई है जिनकी खरीद फरोख्त इस ग्रुप के कारोबारियों ने की थी। इसका हिसाब किताब भले पहले हो चुका था लेकिन यह कमाई आयकर रिटर्न में दर्शाई नहीं। इस संबंध में जवाब तलबी हो रही है। मुंशियों और कैशियर से भी हर सप्ताह कमाई की रकम और निवेश के बारे में पूछताछ की गई।