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पानी लीकेज से कई मकानों में आई दरारेें, टूटने की कगार पर

- गुरुनानक बस्ती में वाटर लाइन बिछाने के बाद लीकेज होने से बहता रहा पानी पानी लीकेज से कई मकानों में आई दरारेें, टूटने की कगार पर

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श्रीगंगानगर। इलाके में वाटर लाइन और सीवर लाइन बिछाने की आड़ में लीकेज की समस्या बढ़ गई हैँ। वहीं गुरुनानक बस्ती वार्ड 62 में वाटर लाइन लीकेज होने से कई मकानों में दरारें आ गई हैं। इसमें एक नया मकान तो टूटने की कगार पर हैं। पीडि़त लोग मजदूरी कर अपना परिवार पाल रहे हैं। इन लोगों ने अपने मकानों की हकीकत दिखाई तो ऐसा लगा रहा था कि ये मकान कभी भी धराशायी हो सकते हैं। इधर, सूचना मिलने पर वाटर वर्क्स विभाग की टीम ने आकर वहां लीकेज ढूंढने की प्रक्रिया अपनाई। यह लीकेज ढूंढ निकाला जिससे इन मकानों में दरारें या टूटने की नौबत आई। इससे पहले वार्ड पार्षद किशन चौहान, पूर्व पार्षद शिवलाल सैन शिब्बू के अलवा पीडि़त परिवारों ने वाटर वर्क्स विभाग के अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया। इन मकानों का जायजा लिया तो हालात खराब मिले। वाटर लाइन की लीकेज से पानी कई घरों की नींवों में पहुंच चुका हैँ। चंद दिनों में इन मकानों की सार-संभाल नहीं की तो इन मकानों के गिरने की आंशका हैं।

फर्श तोड़ा तो निकला एक टैँकर पानी

गुरुनानक बस्ती की गली नम्बर दो में गुरमीत सिह अपने पूरे परिवार के साथ रहता हैं। कर्जा लेकर अपना मकान बनाया था। लेकिन पिछले कई दिनों से घर के अंदर कमरों और रसोईघर की दीवारों में दरारें आने लगी। इस संबंध में पानी कनैक्शन की जांच कराई लेकिन इसके बावजूद भी इन दरारों के आने का सिलसिला बंद नहीं हुआ तो उसने अपने भाई के साथ कई श्रमिकों को बुलाकर फर्श की जांच कराई। जैसे यह फर्श उखाड़ा तो गीली मिट़टी निकलने लगी। कुछ देर बाद पानी ही पानी नजर आया। इस गडढे से करीब एक टैंकर पानी निकालने के उपरांत पूरा मोहल्ला एकत्र कर लिया। इस मकान के तीन कमरों, बरामदें, रसोई और बाथरूम की दीवारें दरकने लगी हैँ। बल्लियों के सहारे इस मकान में रहना किसी खतरे से खाली नहीं हैं। पूरा परिवार इस अब सदमें आ गया है कि यह मकान फिर से दुरुस्त करने के लिए रुपए कहां से आएंगे।

ये मकान भी आए चपेट में

इस दौरान गुरमीत सिंह के अलावा गुरजंट सिंह, गुरुनानक बस्ती की गली नम्बर एक में रामकिशन प्रेमी, जितेन्द्र, रज्जो, भगवान सिंह के मकानों में आई हालत के बारे में जायजा लिया। यहां भी मकानों की दरारें इस पानी लीकेज से आई हुई थी। इन मकानों के आगे सीसी रोड का निर्माण किया गया हुआ है। आरयूआइडीपी की ओर से ठेका कंपनी ने इस रोड का निर्माण कराया था, पहले इस रोड पर सीवर लाइन बिछाई गई थी। इसके बाद वाटर लाइन बिछाई लेकिन इस लीकेज को दुरुस्त नहीं किया। इधर, लाइनमैन मूलसिंह का कहना था कि वाटर लाइन के लीकेज से पूरे इलाके में घरों की नींवों तक पानी पहुंच चुका हैं। यह लीकेज कब हुआ, अब तक पता नहीं चल सका हैं। लेकिन इतना जरूर है कि पिछले काफी समय से यह लीकेज हुआ हैं, इससे पानी लगातार बहता रहा। लीकेज ढूंढने के दौरान पूरा गडढा पानी से भर चुका था।