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विधायक जांगिड़ ने खोला मोर्चा और बोले, सीएम के समक्ष एसपी का खोलूंगा राज

MLA Jangid said जांगिड़ ने एसपी के तबादले की सिफारिश मुख्यमंत्री से करने और शिकायतों के संबंध में अवगत कराने का आश्वासन दिया।

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विधायक जांगिड़ ने खोला मोर्चा और बोले, सीएम के समक्ष एसपी का खोलूंगा राज

विधायक जांगिड़ ने खोला मोर्चा और बोले, सीएम के समक्ष एसपी का खोलूंगा राज

श्रीगंगानगर। सादुलशहर से कांग्रेस विधायक जगदीश जांगिड़ ने वकीलों को आश्वासन देते हुए साफ साफ कहा है कि वे जल्द ही जयपुर जाकर मुख्यमंत्री के समक्ष पुलिस अधीक्षक का राज खोलेंगे। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर बार संघ सभागार में वकीलों की बैठक में विधायक जांगिड़ और बोले कि वे भी अधिवक्ता रहे है, ऐसे में उनका संबंध अधिवक्ताओं से अटूट है।

बार संघ की ओर से अधिवक्ता विनोद कुमार के मामले में किए जा रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए जांगिड़ ने एसपी के तबादले की सिफारिश मुख्यमंत्री से करने और शिकायतों के संबंध में अवगत कराने का आश्वासन दिया। बैठक में वकीलों ने तालियां बजाकर विधायक के इस कदम का स्वागत किया। इससे पहले बार संघ अध्यक्ष जसवीर सिंह मिशन, बार कौसिंल ऑफ राजस्थान के सदस्य नवरंग चौधरी, उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र दहिया, चरणदास कम्बोज, राजेश ग्रेवाल, आईपी सहारण, ललित गौड़, बलजीत सिंह बराड़, संजीव दीक्षित, इन्द्रजीत बिश्नोई, बचन सिंह, जरनैल सिंह टूरना आदि ने भी विचार व्यक्त किए।

इससे पहले वकीलों ने सैशन कोर्ट के आगे पार्क में धरना देने के उपरांत एसपी ऑफिस के समक्ष रोष व्यक्त करते हुए प्रदर्शन किया। नारेबाजी के उपरांत वापस धरना स्थल पर पहुंचे। इस आंदोलन को देखते हुए बार संघ अध्यक्ष ने शनिवार तक अदालती कामकाज का बहिष्कार कर रखा है।
महिला थाना में 25 मई 2019 को एक महिला ने रिपोर्ट दी कि उसकी करीब ढाई साल की बेटी के साथ उसके पति विनोद कुमार ने 3 मई को छेड़छाड़ की। जब उसके पेट में दर्द हुआ तो इस घटना का पता चला।

बालिका को चिकित्सक को दिखाया गया। इसके बाद बालिका की मां पुलिस के पास पहुंची। पुलिस ने मामला दर्ज कर बालिका को राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया था। पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता पिता को धारा 376 व पोक्सों में गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी होने के दो दिन बार वकीलों ने उसकी रिहाई की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ दिया था। इस प्रकरण की जांच पुलिस की बजा सीआईडी सीबी को सौंपी गई।

सीआईडी ने इस प्रकरण में अधिवक्ता को क्लीन चिट्ट दे दी तो कोर्ट ने 86 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा के बाद रिहाई कर दी थी। लेकिन अब फिर से पुलिस ने अधिवक्ता विनोद का नारको टेस्ट कराने के लिए नोटिस थमाया तो वकील समुदाय आंदोलन पर उतर आया है।