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मनरेगा मजदूर की बेटी अमेरिका के लिए भरेगी उड़ान

MNREGA worker's daughter will fly to America-गणेशगढ़ के सरकारी स्कूल में बेटी और उसकी मां को खड़े होकर किया सैलूट

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SriGanganagar मनरेगा मजदूर की बेटी अमेरिका के लिए भरेगी उड़ान

SriGanganagar मनरेगा मजदूर की बेटी अमेरिका के लिए भरेगी उड़ान

श्रीगंगानगर। विषम परििस्थतियो के बावजूद देश के शीर्ष स्तर पर राष्ट्रपति बनकर द्रौपदी मुर्मू ने यह आस जगा दी कि कोई भी अभावग्रस्त परिवार की बेटी किसी भी ऊंचे ओहदे पर पहुंच सकती है। इस महामहिम की तरह हमारे जिले के गांव गणेशगढ़ की बेटी ने भी अपने सपने का साकार करने की उड़ान भरी हैं। गणेशगढ़ गांव में मनरेगा मजदूरी कर रही कृष्णा देवी की बेटी अनुपमा चौधरी ने अपने कड़े परिश्रम और लगन से कई सारे इतिहास रच दिए।

एक गरीब लड़की, जिसने अपने हालातों, आर्थिक परिस्थितियों से हार न मानी और अपने सपनों को पूरा किया। राह में कठिनाई कम न थी, आर्थिक परिस्थिति के अलावा सामाजिक पिछड़ापन भी झेल रही इस होनहार लड़की के कदमों को कुछ भी डगमगा नहीं सका।
आठ साल पहले करीब पिता की सड़क हादसे में मौत और मां ने मनरेगा में मजदूरी कर अपनी बेटी को इस काबिल बनाया कि अब वह अमेरिका में अमेरिका सरकार के खर्चे पर शोध के साथ साथ जॉब भी करेगी।

गणेशगढ़ की अनुराधा चौधरी ने गांव के सरकारी स्कूल से कृषि संकाय में बारहवीं कक्षा की पढाई करने के बाद जोधपुर एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से बीएससी की। कृषि अनुसंधान संस्थन नेशनल रिसर्च इंस्टीटयूट से ऑल इंडिया में चौदहवीं रैंक प्राप्त कर एमएससी कृषि प्रसार से डिग्री की। शोध के लिए अमेरिका से ऑफर मिला तो उसने यह स्वीकार कर लिया।

वह अमेरिका में स्कोलरशिप में शोध के साथ साथ जॉब भी करेगी। ग्राम विकास अधिकारी बलतेज सिंह ने बताया कि गांव की बेटी अनुराधा की मां कृष्णादेवी मनरेगा में श्रमिक है।

गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में सरपंच अवतार सिंह गिल, सरकारी स्कूल की प्रिंसीपल नवीन गर्ग, विनोद ताखर, जसवीर सिंह गिल, तारासिंह सेखो आदि ने मां-बेटी दोनेां को सम्मान किया। इस मौके पर वक्ताओं का कहना था कि अनुराधा ने शिक्षा के बलबूते पर अपने साथ साथ इलाके का नाम रोशन कर दिखा दिया कि हौंसले बुलंद हो तो अभाव की कमी अड़चन नहीं बन सकती। इससे पहले स्कूल परिसर में विद्यार्थियों ने इस
बेटी की उपलिब्ध पर तालियां बजाकर स्वागत किया गया।