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संसद में उठा किसानों और व्यापारियों के बकाया भुगतान का मुद्दा, जानें क्या बोले सांसद निहालचंद

किसानों से तीन साल पहले श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिलों में मूंग व चना की खरीद करने वाली कंपनी ने अभी तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है। इसी साल भारतीय खाद्य निगम ने जो गेहूं खरीदा है उसकी आढ़त का भुगतान भी व्यापारियों को नहीं हुआ है।

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किसानों से तीन साल पहले श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिलों में मूंग व चना की खरीद करने वाली कंपनी ने अभी तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है। इसी साल भारतीय खाद्य निगम ने जो गेहूं खरीदा है उसकी आढ़त का भुगतान भी व्यापारियों को नहीं हुआ है। सांसद निहालचंद ने किसानों और व्यापारियों से जुड़े इस मुद्दे को गुरुवार को शून्य काल के दौरान लोकसभा में उठाया। सदन में बोलते हुए सांसद ने कहा कि वर्ष 2020-21 में हिंदुस्तान इन्सेक्टीसाइड लिमिटेड ने श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिलों में किसानों से लगभग 868 क्विंटल चना और लगभग 1710 क्विंटल मूंग की खरीद की थी। इसका भुगतान अभी तक अटका पड़ा है। भुगतान नहीं मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है और वह मानसिक और आर्थिक तौर पर परेशान हो रहे हैं । किसानों की मूंग व चना कि लगभग 2 करोड़ 25 लाख रुपए की राशि बकाया है।

आढ़त का भुगतान नहीं
सांसद ने कहा कि वर्ष 2023-24 में भारतीय खाद्य निगम ने जो गेहूं खरीदा उसकी आढ़त राशि का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। भारतीय खाद्य निगम द्वारा श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिलों में गेहूं की खरीद की गई थी, जोकि 30 जून, 2023 को बंद हो गई। व्यापारियों ने इसके बाद आढ़त बिल भारतीय खाद्य निगम के पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड कर दिए, लेकिन भारतीय खाद्य निगम ने अभी तक आढ़त का भुगतान नहीं किया। भुगतान के लिए व्यापारी निगम के श्रीगंगानगर कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं।

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फैक्ट फाइल
मूंग-चना की खरीद 2020-21
खरीदने वाली एजेंसी- एचआईएल
बकाया भुगतान राशि- 2 करोड़ 25 लाख
प्रभावित किसान- श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़
गेहूं की खरीद- 2022-24
भुगतान का मद- आढ़त
प्रभावित व्यापारी- श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़