
dirty water
श्रीगंगानगर.
अपनी गलती या कमी छिपाने के लिए दूसरे के सिर दोष मढऩा इंसानी फितरत है। इन दिनों नगर परिषद के मुखिया सहित आला अधिकारी भी इसी राह पर हैं।नगर परिषद अमले की लाख कोशिशों के बावजूद लगभग एक सप्ताह बाद भी शहर के भीतरी इलाकों में नाले-नालियों का पानी सड़कों पर फैला है। लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। वजह पूर्व में ठीक तरीके से डिसिल्टिंग नहीं होना बताया जा रहा है। गंदे पानी की निकासी करने में नगर परिषद प्रशासन फेल होता दिखाई दे रहा है। पानी निकासी नहीं होने का कारण सामने नहीं आने पर सभापति और आयुक्त ने पूरे मामले को 'साजिश' का नाम दे दिया है। सभापति ने तो यहां तक कह दिया है कि उन्हें तो कुछ समझ में ही नहीं आ रहा। बड़ी विचित्र स्थिति है कि कभी पोकलेन मशीन से नाले साफ करवाए जा रहे हैं, कभी टीमें गठित की जा रही हैं, कभी साजिश या कारस्तानी बताई जाती है, इन सबके बावजूद हालात जस के तस हैं।
और तो और अब तो नगर परिषद के मुखिया ने तो हार ही मान ली है। पानी निकासी की समस्या का समाधान कब होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। शहर में गंदे पानी के नाले जगह-जगह जाम हैं, जबकि गुरुनानक बस्ती, पुरानी आबादी के खड्ढ़े खाली पड़े हैं, लेकिन गंदा पानी इनमें नहीं जा रहा। पुरानी आबादी, बीएसएनएल रोड, आदर्श पार्क, रविंद्र पथ, वार्ड नंबर 23 में कई जगह नालों का गंदा पानी सड़कों पर आ रहा है। नगर परिषद सभापति चांडक का कहना है कि गंभीर समस्या है, लेकिन समझ में नहीं आ रहा है कि क्या किया जाए? वहीं दूसरी ओर नगर परिषद की कार्यशैली को लेकर शहरवासियों में नगर परिषद के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पार्षदों का कहना है कि नालों की पूरी तरह से सफाई ही नहीं की गई है, इस कारण गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर आ रहा है।
अतिक्रमण ने जाम किए नाले
शहर में जहां पर नालों पर लोगों ने अस्थाई रूप से अतिक्रमण कर आगे दुकानों और मकानों के रैम्प का निर्माण करवा लिया है। इस कारण नालों की पूरी तरह से सफाई नहीं हो पाती है। यह स्थिति पुरानी आबादी और आदर्श पार्क से आगे की तरफ अधिक है। नगर परिषद अब नालों की सफाई के नाम पर खानापूर्ति कर रही है, लेकिन अतिक्रमण हटाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही। इस कारण पानी निकासी नहीं हो रही। वार्ड नंबर 24 में गंदे पानी की निकासी की समस्या कई दिनों से बनी हुई है। पार्षद प्रदीप चौधरी कहते हैं कि नालों की सफाई के लिए नगर परिषद अधिकारी तत्कालीन स्वास्थ्य अधिकारी से राय क्यों नहीं ले रहे हैं?
गंदे पानी की निकासी में शनिवार को कुछ सुधार हुआ है, फिर भी नालों की सफाई के लिए सफाई कर्मियों की टीमें लगा रखी हैं। एक-दो दिन में समस्या का समाधान हो जाने की उम्मीद है।
-सुनीता चौधरी, आयुक्त, नगर परिषद, श्रीगंगानगर।
सीवरेज पानी की निकासी के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है, लेकिन एक नाले की सफाई करवाते हैं तो दूसरा नाला बंद हो जाता है। इस कारण पिछले परेशानी आ रही है। मुझे तो लगता है कि यह किसी कार्मिक की कारस्तानी हो सकती है। परिषद को बदनाम करने के लिए ऐसा किया जा रहा है। समस्या क्यों नहीं सुलझ रही, हमें तो खुद समझ में नहीं आ रहा है।
-अजय कुमार चांडक, सभापति, नगर परिषद।
Published on:
21 Jan 2018 07:22 pm
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