
श्रीगंगानगर.
हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर मार्ग पर स्थित चहल चौक पर स्थित मेजर सिंह हरबंससिंह चहल के नाम से बनी पीतल की नमेप्लेट कोई अज्ञात व्यक्ति चुरा ले गया। इस मामले में नगर विकास न्यास को भी कोई जानकारी नहीं। इस मामले को लेकर मेजर चहल की धर्मपत्नी बलजीत कौर ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अफसोस जताया गया है कि चहल चौक पर मेजर की प्रतिमा लगाने के बाद इसके रखरखाव की कोई व्यवस्था नगर विकास न्यास ने नहीं की है।
प्रतिमा के चारों ओर लगी ग्रिल और पत्थर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। चौक पर फूल एवं घास की सार-संभाल न होने के कारण वे सूख गए हैं। हैरानी है कि एक शहीद को मान देने के बजाय उसका अपमान किया जा रहा है। बलजीत कौर चहल ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि चहल चौक परिसर में दूब और फूल-पौधे लगाने के लिए किसी माली की स्थाई नियुक्ति की जाए, जिससे इस चौक की शोभा बढ़ सके। इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद पत्रिका संवाददाता ने आज जब चहल चौक में मेजर शहीद हरबंस सिंह चहल की प्रतिमा के आस-पास का मौका-मुआयना किया तो वहां चौक पूरे तौर से क्षतिग्रस्त नजर आया। जगह-जगह प्लस्तर उखडऩे के अलावा, वहां कचरा नजर आया। और तो और मौके पर बीयर की बोतल भी पड़ी
नजर आई।
चहल चौक सर्किल की देखरेख की जिम्मेदारी एलआईसी को दी गई थी। अब नगर विकास न्यास ने सर्किल के पुनरुद्धार के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिए हैं। शीघ्र ही इस सर्किल को नया रूप दिया जायेगा।
संजय महिपाल, अध्यक्ष, नगर विकास न्यास, श्रीगंगानगर
मेजर हरबंससिंह चहल मार्ग का शिलालेख गायब
श्रीगंगानगर. शहीद मेजर हरबंस सिंह चहल मार्ग कहां है, इसकी जानकारी आज किसी को भी नहीं। शहीद के नाम पर रखे गए इस मार्ग का शिलालेख भी गायब हो चुका है। शहीद मेजर चहल की शहादत को प्रशासनिक लापरवाही ने नजरअंदाज कर दिया है। दिवंगत मेजर हरबंस सिंह चहल की धर्मपत्नी बलजीत कौर चहल ने चार माह पूर्व जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन देकर बताया था कि उनके पति 1971 के भारत-पाक युद्ध में देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए थे।
श्रीगंगानगर में मल्टीपर्पज स्कूल से तीन पुली की ओर से जाने वाले मार्ग का नाम 1974 में राज्य सरकार के निर्देश पर स्वर्गीय मेजर हरबंस सिंह चहल मार्ग रखा गया था। इसका एक शिलालेख रेलवे लाइन के पास लगा हुआ था। वर्ष 2013 में अण्डरब्रिज बनाते समय यह शिलालेख हटा दिया गया। अण्डरपास बनने के लंबे अर्से बाद भी उसे शिलालेख को वापस नहीं लगाया गया है। अण्डरब्रिज के पास लगे साइन बोर्ड में भी इसका उल्लेख नहीं किया गया है।
बलजीत कौर चहल ने जिला कलेक्टर से आग्रह किया कि संबंधित शिलालेख को वापस उचित स्थान पर लगाया जाए, ताकि आम जनता को पता चले कि इस मार्ग का नाम शहीद मेजर हरबंस सिंह चहल मार्ग है।
इनका कहना है
मामला लगभग पांच साल पुराना है। मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि अण्डरब्रिज के पास कोई शिलालेख लगा था। इस मामले का पता लगवाकर आवश्यक कार्रवाई करवायेंगे।
ज्ञानाराम,
जिला कलेक्टर, श्रीगंगानगर।
Published on:
13 Jan 2018 07:37 am
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