
सूरतगढ़ थर्मल.
कोयला संकट से जूझ रही सूरतगढ़ सुपर तापीय परियोजना में कोयला आपूर्ति में सुधार नही होने से विद्युत उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। गुरुवार मध्य रात्रि को सूरतगढ़ तापीय परियोजना में कोयला खत्म होने के कारण परियोजना प्रशासन को 250 मेगावाट की छठी इकाई को बन्द करना पड़ा था। सीधे बंकरों में फीड हो रहा है कोयला- सूरतगढ़ तापीय परियोजना में आने वाली कोयले की गाड़ियों का कोयला सीधे बंकरो में ही फीड किया जा रहा है।
वर्तमान में उत्पादन कर रही 250-250 मेगावाट की पाँच इकाईयो से विद्युत उत्पादन के लिए आवश्यक कोयले से कम आपूर्ति होने के कारण परियोजना में पहुँचने वाली कोयले गाड़ियों का कोयला सीधे 800 मीट्रिक टन क्षमता वाले प्रत्येक इकाई के छह बंकरो में ही फीड किया जा रहा है। खाली हो चुका है कोयला यार्ड- लगातार महीनों से कम कोयला आपूर्ति के कारण परियोजना में अतिरिक्त कोयले के स्टॉक हेतु बने कोयला यार्ड पूरी तरहां खाली हो चुके है। यार्ड में बचे हुये कार्पेट कोल को भी डोजर की मदद से इक्कट्ठा कर बंकर तक पहुंचाया जा रहा है।
कोल हैंडलिंग प्लांट से मिली जानकारी के अनुसार यार्ड का कारपेट कोल भी पूरी तरहां समाप्त हो चुका है। शुक्रवार को सात कोयले के रैक आने से करीब 5 हजार मीट्रिक टन कोयला अतिरिक्त हुआ था। जो शनिवार को कोयले की कम आपूर्ति के कारण खपत हो जायेगा। परियोजना के कोल हैंडलिंग प्लांट से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह 11 बजे तक 3 कोयले के रैक परियोजना पहुँच गये थे एवम एक ओर कोयले का रैक देर शाम तक पहुँच जाएगा। जबकि वर्तमान में उत्पादन कर रही परियोजना की 250-250 मेगावाट की पहली, दूसरी, तीसरी, चौथी ओर पाँचवी इकाई के लिए रोजाना 5 कोयले के रैक की आवश्यक्ता होती है।
ऐसे में शुक्रवार को आई अतिरिक्त गाड़ियों के कारण शनिवार को कोई दिक्कत नही आयेगी। यदि रविवार को आवश्यक 5 गाड़ियों की आपूर्ति नही होती है तो परियोजना की किसी अन्य इकाई से भी बिजली उत्पादन बन्द करना पड़ सकता है। स्थिति में सुधार के किये जा रहे है प्रयास- सूरतगढ़ तापीय परियोजना के मुख्य अभियन्ता एम एल शर्मा ने बताया कि कोयले की आपूर्ति में सुधार के लिए लगातार कोल इंडिया और रेलवे से सम्पर्क बनाये हुए है।
प्रदेश की बन्द पड़ी इकाईयो का कोयला सूरतगढ़ डायवर्ट करवाने हेतु भी उच्चस्तर पर कहा गया है। फिलहाल रोजाना 5 कोयले के रैक लोड हो रहे है। आने वाले दो तीन दिन स्थिति थोड़ी क्रिटीकल रहेगी। फिर भी 250-250 मेगावाट की पाँच इकाईयो से हम बिजली उत्पादन सुचारू रखने के पूरे प्रयास किये जायेंगे। भविष्य में कोयला आपूर्ति में सुधार होते ही गुरुवार मध्यरात्रि की बन्द की गई 250 मेगावाट की छठी इकाई को पुनः चला दिया जाएगा। फोटो/विजुअल - सूरतगढ़ थर्मल के खाली पड़े
Published on:
28 Apr 2018 01:48 pm
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