
श्रीगंगानगर.
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की गाइड लाइन के अनुसार की जा रही गैंगस्टर विक्की गौंडर एनकाउंटर मामले की मजिस्ट्रेट जांच के लिए अभी तक बयान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। गैंगस्टर गौंडर और प्रेमा लाहौरिया का कोई रिश्तेदार बयान देने के लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं हुआ। जिला कलक्टर ने इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) को सौंपी थी।
जांच अधिकारी अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) नख्तदान बारहठ ने बताया कि एनकाउंटर से संबंधित मामले की मजिस्ट्रेट जांच के लिए मानवाधिकार आयोग ने कई बिन्दु निर्धारित किए हुए हैं।
मृतकों के परिजनों के बयान जांच के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। उनके बयानों के लिए नोटिस जारी करने के साथ-साथ अखबारों में भी सूचना प्रकाशित करवाई गई। लेकिन अभी तक बयान देने के लिए एक भी परिजन या रिश्तेदार नहीं आया। हालांकि एनकाउंटर मामले की मजिस्ट्रेट जांच के लिए कोई समय सीमा नहीं है। लेकिन जांच रिपोर्ट तभी पूर्ण होगी जब कोई परिजन आकर अपने बयान देगा। जांच अधिकारी ने बताया कि जांच की प्रक्रिया काफी लंबी है। इसमें एनकाउंटर में शामिल पुलिस अधिकारियों और जवानों तथा पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों के बयान भी लिए जाने हैं।
पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर विक्की गौंडर और प्रेमा लाहौरिया का एनकाउंटर 26 जनवरी को हुआ था। हिन्दुमलकोट थानांतर्गत दर्शनसिंह की ढाणी में पंजाब पुलिस ने एनकाउंटर किया, जिसमें गौंडर और लाहौरिया के साथ उनका एक साथी सविन्द्र सिंह मारा गया। हालांकि सविन्द्र सिंह का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला। वह शौकिया तौर पर ही गैंगस्टर के साथ रहता था। एनकाउंटर के तुरंत बाद गौंडर के रिश्तेदारों ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। लेकिन मानवाधिकार आयोग के निर्देशानुसार हो रही जांच के सिलसिले में अभी तक किसी ने बयान नहीं दिए।
Published on:
23 Feb 2018, 6:35 AM IST
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