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अब मादक पदार्थों की तस्करी को रोकेगी एंटी नारकोटिक्स सेल

- हर जिले की सेल में होंगे पांच सदस्य

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अब मादक पदार्थों की तस्करी को रोकेगी एंटी नारकोटिक्स सेल

अब मादक पदार्थों की तस्करी को रोकेगी एंटी नारकोटिक्स सेल

श्रीगंगानगर. जिले में मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जहां जागरुकता अभियान, धरपकड़ अभियान और ग्राम रक्षक जैसे मुहिम चलाने के बाद अब एंटी नारकोटिक्स सेल बनाई जाएगी। जो सीमा पार या अन्य स्थानों से होने वाली मादक पदार्थ तस्करी को रोकने के लिए कार्य करेगी। साथ तस्करों की संपत्ती का भी रेकॉर्ड रखेगी। इसके अलावा यह सेल रेंज स्तर बनाई गई निगरानी टीम से लगातार संपर्क में रहेगी।


पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीकानेर रेंज पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश की ओर से रेंज के सभी पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में एंटी नारकोटिक्स सेल बनाने के निर्देश दिए हैं। जिसमें पांच पुलिसकर्मी शामिल होंगे। इसके साथ ही रेंज स्तर पर एक निगरानी टीम भी बनाई गई है। जिलों की सेल के पुलिसकर्मियों की ओर से रेंज की टीम से संपर्क बनाते हुए कार्रवाई करेंगे और रिपोर्ट देंगे।


जिले में बनाई सेल की टीम
- पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इंस्पेक्टर कलावती के नेतृत्व में श्रीगंगानगर जिले में एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम बनाई गई है। जो अब सीमा पार व अन्य स्थानों से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी आदि रोकने के लिए कार्य करेगी।


यह हैं तस्करी के चिन्हित रूट
- जिले में सूरतगढ़, घड़साना, अनूपगढ़, रायसिंहनगर, श्रीगंगानगर के लिए जोधपुर, फलौदी, नागौर सहित अन्य स्थानों से होते हुए मादक पदार्थ की तस्करी की जाती है। जोधपुर से सीधे भारत माला रोड पर वाहनों के जरिए मादक पदार्थ तस्करी का अंजाम दिया जा रहा है। इसको लेकर भी पुलिस अन्य जिलों से समन्वय स्थापित कर तस्करों की धरपकड़ करेगी।


अंतरराष्ट्रीय तस्करी के प्रकरण
- जिले में वर्ष 2020, 21 व 22 में नारकोटिक तस्करी के 17 मामले दर्ज हुए हैं। तस्करों से 26 किलो 580 ग्राम हेरोइन, छह किलो स्मैक बरामद की गई। इसके अलावा काफी संख्या में तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस की ओर से धरपकड़ के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।


इन क्षेत्रों में ज्यादा होती है तस्करी
- श्रीगंगानगर जिले के केसरीसिंहपुर, करणपुर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़, घड़साना, रावला क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय पाक सीमा से सटते हैं। श्रीगंगानगर में 204 किलोमीटर का एरिया में पाकिस्तान की सीमा सटी हुई है। जहां दशकों से हेरोइन तस्करी हो रही है। जहां पहले तारबंदी के पार से इधर हेरोइन के पैकेट फेंके जाते थे। वहीं बाद में पाइप लाइनों से हेरोइन की तस्करी होने लगी और कुछ सालों से यहां ड्रोन के जरिए हेरोइन की तस्करी हो रही है।


जिला प्रकरण गिरफ्तार
बीकानेर 395 601
श्रीगंगानगर 762 1182
हनुमानगढ़ 557 875
चूरू 186 269
(2021 से 2023 जुलाई तक के आंकड़े )


इस तरह कार्य करेगी सेल
- मादक पदार्थ की तस्करी, भंडारण व परिवहन के संबंध में सूचना संग्रहित करना। आदतन मादक पदार्थ तस्करों पर निगरानी। तस्करों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों का रिकॉर्ड संधारित करना। रेंज जिलों में सूचनाओं का आदान-प्रदान व बेहतर समन्वय, मुखबिर तंत्र की मजबूती। सीमापार ड्रोन के माध्यम से की जा रही तस्करी की रोकथाम के प्रयास।


इनका कहना है
- रेंज के सभी जिलों में मादक पदार्थ तस्करी रोकने, धरपकड़ व संपत्ती का पता लगाने के लिए एंटी नारकोटिक्स सेल के गठन के निर्देश दिए हैं। जिसका एक इंस्पेक्टर के नेतृत्व में गठन किया गया है। यह टीम रेंज स्तर की निगरानी टीम के समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करेगी और रिपोर्ट देगी। इसके अलावा अन्य धरपकड़ अभियानों को भी तेज किया जाएगा।
- विकास शर्मा, पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर।

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