
टोचन हादसे में नहीं हुए आयोजकों के बयान
श्रीगंगानगर.
पदमपुर कृषि उपज मंडी परिसर में ट्रैक्टर टोचन प्रतियोगिता के दौरान हुए हादसे की प्रशासनिक जांच के सिलसिले में सरकारी पक्ष के सभी लोगों के बयान हो गए। लेकिन आयोजकों की तरफ से अभी तक कोई भी बयान देने के लिए जांच अधिकारी के समक्ष पेश नहीं हुआ। हादसे की प्रशासनिक जांच अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) कर रहे हैं।
जांच के सिलसिले में बयान देने के लिए उन्होंने तीन आयोजकों सहित जिन तेरह जनों को नोटिस जारी किए थे। हादसे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए थे और इसकी पालना में जिला कलक्टर ने प्रशासनिक जांच का जिम्मा अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) को सौंपा।
इन्हें जारी हुए नोटिस
प्रशासनिक जांच कर रहे अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ने घटनाक्रम के आधार पर तेरह जनों को नोटिस जारी किए थे। इनमें प्रतियोगिता के आयोजक ३०२ रंधावा ट्रैक्टर स्टंट क्लब के तीन सदस्य दिलबाग सिंह ४६ आरबी, कमलजीत चूनावढ़ और अमृतपाल १ डीडी के अलावा पदमपुर थाने के प्रभारी रामेश्वरलाल, कुलदीप सिंह एचसी, बलवान सिंह एचसी, सुरेन्द्र सिंह एचसी तथा महताब सिंह वाहन चालक, कृषि उपज मंडी समिति के सचिव पवन भास्कर, रघुवीर देव, बलविन्द्र सिंह तथा ओमप्रकाश वर्मा, दर्शक सुरेश कुमार पुत्र मूलचंद वार्ड १३ पदमपुर, भू अभिलेख निरीक्षक कौरसिंह, पटवारी रघुवीर सिंह तथा नगर पालिका के कर्मचारी संजीव कुमार व चंद्रशेखर को नोटिस जारी किए गए।
क्या था मामला
पदमपुर कृषि उपज मंडी समिति परिसर में २९ जुलाई को ३०२ रंधावा ट्रैक्टर स्टंट क्लब ने ट्रैक्टर टोचन प्रतियोगिता का आयोजन किया था। प्रतियोगिता के दौरान काफी लोग कृषि उपज मंडी के सत्रह नंबर टिन शेड पर चढ़ गए, जिससे शेड भरभरा कर गिर गया। इस हादसे में ३५ लोग घायल हुए जबकि बड़ी संख्या में लोगों को चोटें आई। हादसे के बाद यह बात सामने आई कि इस प्रतियोगिता के आयोजन के लिए आयोजकों ने विधिवत मंजूरी नहीं ली थी।
मंडी सचिव पवन भास्कर की सशर्त मंजूरी की शर्तों की पालना किए बगैर प्रतियोगिता का आयोजन कर डाला। प्रतियोगिता का मुख्य अतिथि खान राज्य मंत्री सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी के बेटे समनदीप बडिंग़ बनाया गया था इसलिए प्रशासन और पुलिस ने आयोजन को लेकर कोई दखलंदाजी नहीं की।
आरोप की पुष्टि
अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) की जांच इस मायने में महत्वपूर्ण है कि मुख्यमंत्री के आदेश पर हो रही है। इसके बावजूद आयोजक बयान देने नहीं आए हैं। हादसे के बाद लोगों ने आयोजकों पर राजनीतिक संरक्षण में नियम कानून की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया था तो खान राज्य मंत्री टीटी ने इसे कांग्रेसी नेताओं का दुष्प्रचार बताया था। नोटिस जारी होने के बाद आयोजकों का बयान देने के लिए नहीं आना तो लोगों के राजनीतिक संरक्षण के आरोप की पुष्टि कर रहा है।
आयोजक नहीं आए
&इस मामले में तेरह जनों को नोटिस जारी किए गए थे। सरकारी पक्ष के सभी लोग बयान दे चुके हैं। आयोजकों को नोटिस तामिल हो गए। लेकिन अभी तक कोई बयान देने नहीं आया।
नख्तदान बारहठ, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन)।
Published on:
11 Aug 2018, 10:11 AM IST
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